चुनाव ड्यूटी से लौट रही महिला बटालियन ने कहा-डर लेकर आए थे, प्यार लेकर लौट रहे

पहली बार पहुची थी डेढ़ सौ महिला बटालियन

रायपुर। दो चरणों में संपन्न हुए छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव में तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी। जिसके धुर नक्सली और सामान्य इलाकों में मतदान पूरी शांति से संपन्न हुआ। राज्य के चुनाव में संगवारी बूथ में अपनी सेवाएँ देने पहुची महिला बटालियन से हमारी टीम ने चर्चा की।

उत्तरप्रदेश के लखनऊ से छतीसगढ़ में चुनाव ड्यूटी करने पहुची सीआरपीएफ की महिला बटालियन की अहम भूमिका रही। लखनऊ से रवाना होते वक्त उनके दिल में छतीसगढ़ के नक्सलियों का खौफ़ था। उन्हें इस बात का भी डर था कि ये तैनाती कहीं उनकी आखरी तैनाती न हो। मगर छतीसगढ़ में सफलता पूर्ण मतदान के बाद उनके चेहरों में ख़ुशी और दिलों में डर की जगह प्यार है। छतीसगढ़ से लौटते वक्त सीआरपीएफ की 233 वीं महिला बटालियन की इन महिला सैनिकों ने एक सुखद अहसास और यहाँ की खूबसूरती को अपने दिलों में संजो कर जा रहे है।

लोगो ने किया सहयोग

अपने अनुभव बताते हुए इन महिला जवानों ने बताया कि नक्सली इलाकों में लोगो के भरपूर सहयोग से हमने बेहतर कम किया। अगर जनता हमारा साथ नहीं देती तो शायद हमारा एक एक दिन वहां बेहद मुश्किल से गुज़रता। उन्होंने बताया कि जब हम फ्लैग मार्च कर रहे थे तब बस्तर की महिलाएं बेहद हैरानी हमारी तरफ देखिती और मुस्कुराकर कर घरों में घुस जाती। इन महिला जवानों ने बताया कि छत्तीसगढ़ बहुत खुबसुरत लगा और यहां के लोग बहुत अच्छे लगे। सभी में एक अपनापन था।

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