रायपुर स्काई वॉक के उपयोग पर मुख्य सचिव कुजूर ने किया मंथन 

जनप्रतिनिधियों और आम जनता के विचार जानने होगी और बैठक

रायपुर | छत्तीसगढ़ में पिछले दो सालों से राजधानी के हृदय स्थल पर बन रहे स्काई वाक अब भूपेश सरकार के लिए गले की हड्डी बनती नजर आ रही है। सरकार अब असमंजस में है। शहर के बीच अब बेजान सा खड़ा स्काई वाक भी शायद अपनी अधूरी दशा पर आंसू बहा रहा होगा। प्रदेश में भूपेश बघेल की सरकार बनने के बाद ही इस पर रोक लगा दिया गया था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जनता के बिच जाकर इसकी उपयोगिता जानने की बात कही थी। अब सरकार में बैठे भूपेश बघेल को पुरे 8 महीने हो गए लेकिन इस पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हो पाया है।


मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक
मुख्य सचिव सुनील कुमार कुजूर की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में रायपुर के जय स्तंभ चौक से मेडीकल कॉलेज हॉस्पीटल मार्ग में बने रहे स्काई वॉक की उपयोगिता के संबंध में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में स्काई वॉक के निर्माण से जुड़े शासकीय अमले सहित आम नागरिकों ने हिस्सा लिया। बैठक में स्काई वॉक के उपयोग के संबंध में उपस्थित लोगों ने अपने विचार रखे। मुख्य सचिव ने सभी के विचार सुनने के बाद कहा कि जल्द ही जनप्रतिनिधियों के साथ ही प्रबुद्ध नागरिकों और विषय विशेषज्ञों से अलग-अलग चर्चा की जाएगी। चर्चा के उपरांत स्काई वॉक के उपयोग के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।

करोडो का प्रोजेक्ट पानी में
पिछली सरकार की महती योजना स्काई वाक के निर्माण में अब तक 50 करोड़ से भी ज्यादा का खर्च सरकार के द्वारा किया जा चूका है। इसकी लम्बाई एक हजार 400 मीटर लम्बाई है।साथ ही इस पर इंजीनियरों के अनुसार लगभग ३ हजार से ज्यादा लोग पैदल चलेंगे। रायपुर के जयस्तंभ चौक से शास्त्री चौक और इसे मोड़कर मेकाहारा चौक तक पहुंचाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य ये था की पैदल चलने वाले यदि स्काई वाक का उपयोग करेंगे तो शहर के बिच वाहनों की आपाधापी काम हो जाएगी और जैम से भी छुटकारा मिलेगा। उल्लेखनीय है की स्काई वाक के शुरू होते ही इसका विरोध भी शुरू हो चूका था लेकिन इसे सभी ने अनसुना कर दिया। कुछ आम जनता इससे सही ठहरा रही है तो कुछ इसे फिजूल खरीचि करार दे रही है। ऐसे में इस बिचारे स्काई वाक पर अंतिम निर्णय क्या होगा ये तो अभी बताना नामुमकिन है।