बीएसयूपी कॉलोनी पहुंचे सीएम भूपेश दी न्याय योजना की जानकारी

न्यूनतम आय पर चर्चा में शामिल हुए मुख्यमंत्री भूपेश

रायपुर। आय पर चर्चा कार्यक्रम का आयोजन कांग्रेस के द्वारा किया गया। भाठा गांव के बीएसयूपी कॉलोनी में आयोजित चर्चा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने कॉलोनी वासियों से उनके आय पर चर्चा की साथ ही कांग्रेस की न्याय योजना पर फोकस डाला।                      सीएम भूपेश

                                        मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि केंद्र में कांग्रेस की सत्ता आती है तो मिनिमम गारंटी योजना को लागू किया जाएगा इस योजना के तहत 12 हजार से कम मासिक आय वाले लोगों को सालाना 72 हजार रुपये देने की योजना कांग्रेस ने बनाई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि इस योजना का नीव छत्तीसगढ़ में ही कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने रखा था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा पर चुटकी लेते हुए कहा कि भाजपा न्याय योजना से घबरा गई है इसीलिए बार-बार यह आरोप लगा रही है कि फंड की कमी के चलते योजना लागू नहीं हो पाएगी ऑफिस बघेल ने मनरेगा योजना का हवाला देते हुए कहा कि जब कांग्रेस की सरकार ने मनरेगा योजना शुरू की थी, तब भी भाजपा इसे विफल साबित करने में लगी हुई थी। लेकिन अब मनरेगा के माध्यम से लोगों को आय का एक स्रोत मिल रहा है।

                                         उसी तरह आने वाली कांग्रेस सरकार न्याय योजना को लागू कर हर गरीब तबके के लोगों को आय देने में समर्थ होगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि विधानसभा चुनाव के समय कांग्रेस ने घोषणा पत्र में जो वादे किए थे उनमें से कुछ बातों को अभी पूरा कर दिया है और आने वाले समय में भी पूरा करेगी। उसी तरह लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपनी घोषणा पत्र में न्याय योजना को लागू करने की बात कही है, जिसे लागू करने के लिए कांग्रेस कटिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कॉलोनी के निवासियों के सवालों का जवाब दिया और कहा कि उनकी सरकार चावल योजना को बंद नहीं करेगी इससे सभी को लाभ मिलता जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि आचार संहिता खत्म होने के बाद राशन कार्ड नया बनाकर चावल की योजना को और अधिक सुलभ बनाया जाएगा।

न्याय योजना पर लोगों का विश्वास कम
कांग्रेस के न्याय योजना को लेकर अभी भी आम लोगों में एक राय नहीं है। लोगों का मानना है कि नेता चुनाव के पहले कई बड़े बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव के बाद वादों को पूरा करने में रुचि नहीं दिखाते है। आम लोगों ने साफ तौर पर कहा कि नई सरकार आने के बाद ही कुछ बात समझ में आएगी। उनकी माने तो पिछली सरकार ने भी कई वादे किए थे जो आज तक पूरी नहीं हो पाई है। इसलिए चुनाव के समय किसी पर विश्वास करना मुमकिन नहीं है।