CG Govt: स्वच्छता दीदीयों को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सौगात

व्हील चेयर वाली दीदी अब अपने कार्य से बनी ‘स्वच्छता दीदी’

रायपुर | मन में दृढ़ इच्छा हो तो दिव्यांगता जीवन में बाधा नहीं होती, यह साबित कर दिखाया जिला बलौदा बाजार की दोनों पैरो से दिव्यांग स्वच्छता दीदी बीना साहू ने। अब बीना साहू को व्हील चेयर वाले दीदी से नहीं बल्कि ‘स्वच्छता दीदी’ के नाम से जाना जाता है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज नगरिय निकाय के एक कार्यक्रम में कचरा संग्रहण एवं स्वच्छता कार्य में भूमिका निभाने वाली स्वच्छता दीदीयों को सम्मानित किया। बीना साहू इनमें एक है। समारोह में बलौदाबाजार-भाटापारा की वर्षा सोनी, गंडई की राखी, मनेन्द्रगण की सीता मिंज नारायणपुर की अमोली नेताम, रायपुर की सावित्री बाई और सगुन बाई, पाटन की चंद्रिका देवांगन, भिलाई की मोहम्मद रफी, आरंग की शशि मेहर, दुर्ग की सुशीला वर्मा और संगीता तथा कुम्हारी के किशन को सम्मानित किया।

स्वच्छता दीदीयों को मुख्यमंत्री की सौगात
नगरीय प्रशासन मंत्री शिव कुमार डहरिया की अनुशंसा को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने समारोह में ही दीदीयों की मानदेय राशि 5 हजार रूपए से बढ़ाकर 6 हजार रूपए करने की घोषणा की। इसके साथ ही नगर पालिका-पंचायत अध्यक्षों को वित्तीय अधिकार भी सौंपा गया। विकास कार्यों के लिए 150 करोड़ दिये जाने की घोषणा भी की गई। अब तक स्वच्छता दीदियों को कुल 5000 रु प्रति माह की मानदेय राशि प्राप्त होती थी, जिन्हे अब 6000 रु प्रति माह की बढ़ी हुई दर से अगले माह से मानदेय प्रदान किया जाएगा। इससे प्रदेश में कार्यरत लगभग 10 हजार स्वच्छता दीदियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

नवा छत्तीसगढ़ का संकल्प
नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी तर्ज पर स्वच्छता दीदीयां नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। दीदीयों का कहना है कि मिशन क्लीन सिटी में साथ जुड़कर उन्हें जीने का मौका मिला है। कोई काम छोटा बडा न मानते हुए स्वच्छता के संदेश के माध्यम से उन्होंने नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने का संकल्प लिया। राज्य सरकार द्वारा शहरी गरीब महिलाओं को मिशन क्लीन सिटी योजना के तहत स्व-सहायता समूह के जरिए स्वच्छता संबंधी प्रशिक्षण और रोजगार दिए जा रहे हैं। इससे ये महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर हो रही हैं बल्कि अपने मोहल्ले और शहर के परिवेश को स्वच्छ बनाने के साथ-साथ परिवार का भी भरण-पोषण भी कर रहीं है।