BIG BREAKING : चुनाव आयोग ने लटकाया कलेक्टरों का तबादला

चुनाव आयोग ने प्रशासनिक फेरबदल के लिए 6 अगस्त तक दिया था मौका

रायपुर। चुनाव आयोग ने कुछ कलेक्टरों के तबादलें की अनुमति वाली फ़ाइल लटका दी है। यानी अब 27 सितंबर के पहले तक प्रदेश के किसी कलेक्टर का तबादला होना ज़रा मुश्किल होगा। दरअसल चुनाव आयोग ने राज्य सरकार को 6 अगस्त तक तमाम तबादलों के लिए पूरा मौका दिया था। जिसके बाद राज्य में चुनावी कामकाज को गति देने में आयोग लगा हुआ है।

चुनाव आयोग

फिलहाल राज्य में मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम किया जा रहा है। जिसमें कलेक्टर समेत तमाम प्रशानिक अधिकारियों की विभिन्न स्तर पर तैनाती आयोग की तरफ से की गई है। ऐसे में राज्य के कुछ एक कलेक्टरों के तबादले का मन बना चुकी सरकार को चुनाव आयोग की सहमति के लिए रुकना पड़ रहा है। संभवतः आयोग की तरफ ये सहमति 27 सितंबर के बाद ही सरकार को मिल पाएगी। या यूँ कहे की राज्य में अब कलेक्टर के तबादले का मुहूर्त 27 सितम्बर के बाद ही निकल पाएगा।

विशेष अनुमति का इंतज़ार
सरकार को कलेक्टरों के तबादलों के लिए चुनाव आयोग की विशेष अनुमति का इंतज़ार है। सूत्रों की मानें तो इस तबादले की फ़ाइल जीएडी की तरफ से आयोग को भेजी जा चुकी है। जिसमें आयोग की सहमति और अनुमति के साथ तबादले हो सकती है। फ़िलहाल आयोग की इस अनुमति का इंतज़ार सरकार को है।

1 अक्टूबर से लग सकती है आचार सहिंता
खबर है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण के महज़ दो चार दिनों के बाद ही चुनाव आयोग आदर्श आचार संहिता का एलान कर देगा। जिसके बाद राजनैतिक दलों में चुनावी सरगर्मी और भी बढ़ जाएगी। इधर अचार संहिता लगने के बाद राज्य का पूरा प्रशासनिक महक़मा चुनाव आयोग के कंट्रोल में होगा। लिहाज़ा उस वक्त सरकार किसी भी तरह के आदेश नहीं निकल पाएगी। क़यास लगाए जा रहे है कि 27 से 30 तारीख तक ही सरकार तबादले कर सकती है।