कमजोर सीट को कांग्रेस और भाजपा ने किया नजरअंदाज

प्रदेश के सभी सीटों पर राष्ट्रीय दलों ने ठोका ताल

रारायपुर | 17वें लोकसभा चुनाव 2019 के लिए छत्तीसगढ़ के 11 सीटों पर तीन चरणों में मतदान हो चुका है। जिसमें कुछ छुटपुट घटनाओं के साथ मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हुआ है। छत्तीसगढ़ के सभी सीटों पर भाजपा-कांग्रेस, सीपीआई, बहुजन समाज पार्टी और निर्दलीय मिलाकर 166 प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे, जिनकी किस्मत प्रदेश के 71.48 प्रतिशत मतदाताओं ने ईवीएम में अपने मतों के साथ कैद कर दिया है। इन सभी प्रत्याशियों की किस्मत अब 23 मई को ही ईवीएम के पिटारे से विजय हुए प्रत्याशी का नाम सबके बीच आ पाएगा।

चुनाव निपटने के बाद अब राजनीतिक दलों के खिलाड़ी अपने दल को मिलने वाले आंकड़ों की गिनती पर व्यस्त हैं। प्रदेश में केवल भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल का मुकाबला सीधा रहा। बाकी दल आम मतदाता के बीच पैठ जमाने में विफल रहे। जिसके चलते अब भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल 11 सीटों पर जीत का दावा कर रही है। 15 साल बाद प्रदेश की सत्ता का बागडोर संभाल रही कांग्रेस जहां लोकसभा चुनाव में प्रदेश के पूरे सीटों पर जीत दर्ज कराने की बात कह रही है, तो वहीं कमोबेश हालात भाजपा का भी है। लेकिन दोनों ही दल शत प्रतिशत जीत के जिद पर अड़े हुए हैं।

भाजपा का दवा, 11 सीट हमारी
भारतीय जनता पार्टी ने इस बार अपने सभी वर्तमान 11 सांसदों के टिकट को काटकर नए चेहरे को चुनावी मैदान में उतारा था। भाजपा का मानना है कि यह नए चेहरे कमल का फूल खिलाने में सार्थक होंगे। भाजपा के प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ी है और भाजपा ने केंद्र की सभी योजनाओं को लेकर आम मतदाता के बीच पहुंची थी। इसलिए पुरजोर जीत का ताल भी ठोक रही है। भाजपा प्रदेश के किसी भी सीट को कमजोर नहीं बता रही है। उनका साफ तौर पर कहना है कि प्रदेश की नहीं देश की बागडोर संभालने वाली सरकार के लिए चुनाव था,इसलिए नरेंद्र मोदी के चेहरे को देखकर ही लोग इस बार भी अपना मत भाजपा को ही दिया है। इसलिए 11 सीटों पर जीत सुनिश्चित है।

कोई सीट कमजोर नहीं,सभी सीटों पर होगी जीत-कांग्रेस
प्रदेश में कांग्रेस विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत से जीत हासिल करने के बाद उत्साह से लबरेज है। कांग्रेस इस बार लोकसभा चुनाव में प्रदेश के 60 दिन के सरकार के किए हुए काम को लेकर आम जनता के बीच पहुंची थी। विधानसभा चुनाव के वक्त घोषणा पत्र में शामिल 36 में से 18 घोषणाओं को पूरा करने की बात आम मतदाताओं को कांग्रेस ने बताया, ताकि मतदाता लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस में वोट डालकर केंद्र की सत्ता में कांग्रेस को ही मौका दें। इधर प्रदेश में हुए 11 लोकसभा सीटों पर भी कांग्रेस अपना जीत का दावा ठोक रही है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला का कहना है 60 दिन बनाम 60 महीने को लेकर आम मतदाताओं के बीच कांग्रेस पहुंची थी । जिसका लाभ कांग्रेस को इस बार मिलने वाला है। उनकी माने तो कांग्रेस अब प्रदेश में कमजोर नहीं है,क्योंकि घोषणाओं के आधार पर कई वादे पूरे हो चुके हैं। जिससे जनता को लाभ भी मिला है, इसलिए जनता कांग्रेस को ही चुनकर सरकार में लाएगी। वहीं कमजोर सीट वाले मुद्दे पर कांग्रेस कुछ कहने के लिए बचती नजर आई। उन्होंने सभी सीट पर जीत का ताल ठोका और कमजोर सीट को नजरअंदाज कर दिया।