कांग्रेस की सरकार भी नहीं कर पाएगी ” कलेक्टरों का तबादला “

तबादला करने पर भारत निर्वाचन आयोग ने लगाई रोक

रायपुर। कांग्रेस अब सत्ता में आने के बाद भी जिला कलेक्टरों का तबादला नहीं कर सकती। अफसरों पर भाजपा सरकार के हितैषी होने का आरोप लगाने के बाद भी कांग्रेस को अफसरों के तबादलें के लिए इंतज़ार करना होगा।

निर्वाचन

दरअसल छत्तीसगढ़ में कुल पच्चीस हजार से ज्यादा अधिकारी लोकसभा निर्वाचन के लिए तैनात किए जा चुके हैं। साथ ही निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य पूरे प्रदेश में भी शुरू हो चुका है। ऐसे में भारत निर्वाचन आयोग की तरफ से सभी राज्यों को निर्देशित किया गया है कि लोकसभा चुनाव तक निर्वाचन कार्य से जुड़े किसी भी अधिकारी कर्मचारी का तबादला राज्य सरकार नहीं कर सकती। इन तबादलों में जिला कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, नायाब तहसीलदार, तहसीलदार समेत निर्वाचन कार्य के लिए तैनात तमाम अधिकारियों को शामिल किया गया है। जिनका तबादला वर्तमान सरकारी नहीं कर पाएंगी।

तबादले के लिए भेजना होगा पैनल
यदि निर्वाचन कार्य में लगे किसी भी कलेक्टर का तबादला राज्य सरकार को करना है। या फिर उक्त कलेक्टर के निर्वाचन कार्य हेतु गैर जिम्मेदार होने पर उन्हें हटाया जाना है। इसके लिए राज्य सरकारों को भारत निर्वाचन आयोग में 3 आईएएस अफसरों के नामों का पैनल भेजना होगा। जिनमें से एक नाम पर भारत निर्वाचन आयोग अपनी सहमति जता कर उसे कलेक्टर नियुक्त करने राज्य सरकार को अनुशंसित करेगा। जिसके बाद उक्त जिले के कलेक्टर को हटाया जा सकेगा। मगर इस तबादले के लिए भी राज्य सरकार को लिखित में उनके तबादले की वजह निर्वाचन आयोग को देनी होगी।