बदली राहुल गांधी के दौरे की तारीख़, 10 अगस्त को पहुंचेंगे छत्तीसगढ़

राहुल गांधी 20 अगस्त को राजीव गांधी सद्भावना पुरस्कार समारोह में होंगे शामिल

 

रायपुर। राहुल गांधी का छत्तीसगढ़ दौरा अब 20 अगस्त की जगह 10 अगस्त को होगा है। राहुल गांधी के दौरे की तारीख पहले खसकने के पीछे की वज़ह दिल्ली में उनके तय कार्यक्रम है। पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़ 20 अगस्त को दिल्ली में सुबह वीर भूमि (राजीव गांधी की समाधि) पर जाकर वे उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे। जहाँ सोनिया गांधी समेत पार्टी के तमाम दिग्गज भी शिरकत करेंगे। जिसके बाद राहुल गांधी राजीव गांधी सद्भावना पुरस्कार समारोह में शिरकत करेंगे। इन कार्यक्रमों के अलावा वे राजीव  गांधी जयंती के विभिन्न कार्यक्रमों में भी शिरकत करेंगे। राहुल गांधी ने खुद अपने इस बिज़ी शेड्यूल की वजह से छत्तीसगढ़ आने की तारीख 20 अगस्त से पहले तय की है। राहुल गांधी अब 20 की बजाए 10 तारीख को छत्तीसगढ़ प्रवास पर पहुंचेंगे।
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भूपेश बघेल को अचानक दिल्ली तलब किए जाने के पीछे भी यही वज़ह है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल जनसंवाद अभियान को छोड़ आनन फानन में गुरूवार को दिल्ली पहुंचे थे। जहाँ उनकी मुलाकात प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से हुई है। राहुल से मुलाकात के दौरान उन्होंने प्रदेश में चल रहे चुनावी अभियानों की रिपोर्ट भी सौपी। साथ ही उनके प्रदेश दौरे पर चर्चा हुई है। जिसमे 10 अगस्त को राहुल गांधी का कार्यक्रम फ़ाइनल कर लिया गया है।

राजीव गांधी सद्भावना पुरस्कार समारोह में शिरकत करेंगे
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राहुल गांधी 20 अगस्त को दिल्ली में राजीव गांधी सद्भावना पुरस्कार समारोह में शिरकत करेंगे। नई दिल्ली स्थित जवाहर भवन में आयोजित एक विशेषे समारोह में ये सम्मान प्रदान किया जाएगा। इस सम्मान के लिए पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल गोपालकृष्ण गांधी को चुना गया है। गौरतलब है कि गोपालकृष्ण को ये पुरस्कार सांप्रदायिक सद्भाव और शांति को बढ़ावा देने में अहम योगदान के लिए दिया गया है।

राजीव के कामों को याद रखने दिया जाता है पुरस्कार 
यह प्रतिष्ठित पुरस्कार राष्ट्रीय एकता और शांति के क्षेत्र में योगदान के लिए पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के जन्मदिवस के अवसर पर प्रदान किया जाता है। इसे शांति, सांप्रदायिक सद्भाव के संवर्धन और हिंसा के खिलाफ लड़ाई में उनके दीर्घकालिक योगदान की याद में शुरू किया गया था। इसके तहत विजेता को पुरस्कार में एक प्रशस्ति-पत्र और 10 लाख रूपये की नकद राशि प्रदान की जाती है।