विधानसभा में उछला “अंडा देने का मामला” विपक्ष का बहिर्गमन

कांग्रेसी विधायकों ने दिखाए पिछली सरकार के आदेश

रायपुर। भाजपा सदस्यों ने में सरकारी स्कूलों के मध्यान भोजन में अंडा बांटे जाने का मुद्दा सदन में उठाया। भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा और बृजमोहन अग्रवाल ने स्कूलों में मध्यान्ह भोजन के दौरान अंडे के वितरण पर कहा, पूरे प्रदेश में अराजकता की स्थिति है, लोग धरना दे रहे हैं, चक्काजाम कर रहे हैं। लेकिन सरकार मौन है। बृजमोहन अग्रवाल बोले पूरा प्रदेश उद्वेलित है, सभी समाज नाराज हैं। 80% लोगों को मांसाहारी बताने की कोशिश सरकार द्वारा की जा रही है। जो सरासर गलत है।

                   इस बीच सदन में पक्ष विपक्ष के बीच तीखी नोक झोंक शुरू हो गई। अंडे को लेकर विपक्ष की बात रखने का अवसर नहीं दिए जाने को लेकर विपक्ष बिफर गया। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक को अपनी बात रखने नहीं देने पर जमकर बवाल भी हुआ। अंडा वितरण के मामले पर स्थगन प्रस्ताव को ग्राह्य कर चर्चा कराए जाने की मांग पर विपक्ष अड़ गया। लेकिन आसंदी द्वारा कुछ नही कहे जाने के बाद विपक्षी सदस्यों ने अपने स्थान पर खड़े होकर किया हंगामा, चर्चा कराए जाने की मांग की। इसके बाद विपक्ष और सत्तापक्ष ने अपने अपने स्थान पर खड़े होकर एक दूसरे के खिलाफ़ जमकर नारेबाजी शुरू कर दिया। सत्तापक्ष द्वारा सदन में अपनी बात नहीं रखने दिए जाने से नाराज होकर विपक्षी विधायकों ने किया सदन से बहिर्गमन कर दिया।

लहराई आदेश की कॉपियां
इधर विपक्ष के बहिर्गमन के बाद सत्ता पक्ष ने मीडिया को पिछली सरकार द्वारा वर्ष 2014 में स्कूलों में मिड डे मील में अंडा लागू किये जाने का निर्देश कॉपी को दिखया। निर्देश कॉपी में साफ उल्लेखित है कि स्कूलों में पोषक तत्व के हिसाब से अंडा दिया जाए। अब इस आदेश कॉपी के आधार पर ही सत्ता पक्ष ने विपक्ष द्वारा किये जा रहे विरोध को सीधे तौर पर दिखावा करार दिया है। पीसीसी अध्यक्ष और विधायक मोहन मरकाम ने विरोध का सारा ठीकरा विपक्ष पर ही फोड़ दिया है। वही खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने अंडा खाना ऐच्छिक बताया। साथ ही विपक्ष पर राजनीति न करने की सलाह भी दी।