गाँधी जयंती : खादी कुर्ता और सदरी में विधानसभा पहुंची भूपेश सरकार

राज्यपाल अनुसईया उईके ने भी दी श्रद्धांजलि, फोटो प्रदर्शनी का किया शुभारंभ

 

रायपुर। गांधीजी के 150वी जन्मदिवस पर आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में दो दिवसीय विशेष सत्र का आयोजन किया गया। जिसमें सदन के सभी सदस्य खादी का कुर्ता और पायजामा के साथ जैकेट के साथ ड्रेस कोड में नजर आए। सदन के शुरू होते ही विधानसभा अध्यक्ष सहित मुख्यमंत्री और नेताप्रतिपक्ष सहित मंत्रियो और सदन के सदस्यों ने महात्मा गाँधी को श्रद्धांजलि दी और उनके बताए रास्ते पर चलने का प्रण लिया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत ने सबसे पहले ग़ांधी जी को याद कर उनके जीवन चरित्र को सदन में उद्बोधित किया। साथ ही कुछ दिनों पहले उनके द्वारा दक्षिण अफ्रीका के दौरे में ग़ांधी के दर्शनीय स्थलों को याद कर गांधीजी को नमन किया।

                 सदन में गांधी जयंती के अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सम्बोधित किया। सीएम ने गांधीजी के साथ ही देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी उनके जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित किया। सीएम ने कहा कि ग़ांधी जी के विचारधाराओं को आज सभी मानते है। पक्ष विपक्ष इसे नकार नही सकता। भूपेश ने गांधीजी को महापुरुष का दर्जा देते हुए उनके संदेशो को पालन करने की बात भी भूपेश ने कही। वहीं कहा की उन्होंने अहिंसा, संयम और सन्यास की बात भी हम सबको सिखाई है।


सदन की शुरुवात से पहले गांधी की 150 वीं जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर आज विधानसभा परिसर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष इन दोनों विभूतियों के चित्र पर माल्यार्पण कर राज्यपाल अनुसुईया उईके, विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक और संसदीय कार्य मंत्री रविन्द्र चौबे सहित अनेक मंत्रियों, सांसद और विधायकों ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

                      वहीं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के अवसर पर विधानसभा परिसर में गांधी जी के व्यक्तिव और कृतित्व पर लगाई गई प्रदर्शिनी का राज्यपाल अनुसुईया उईके ने शुभारम्भ भी किया। इस दौरान विधानसभा परिसर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष सुप्रसिद्ध कबीर भजन गायक पद्मश्री डॉ भारती बंधु ने बापू के प्रिय भजनों की प्रस्तुति दी। उन्होंने साथियों के साथ गांधी जी के प्रिय भजन वैष्णव जन ते तेणे कहिए और रघुपति राघव राजा राम सहित अनेक भजन प्रस्तुत किये।