सूपेबेडा में बोली राज्यपाल अनुसुइया, केंद्र की एक टीम से भी कराएंगे जाँच

सूपेबेडा की समस्या गंभीर, राज्य सरकार के कामकाज को भी सराहा

रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल अनुसइया उइके और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टी.एस.सिंहदेव आज किडनी के रोगो से ग्रसित ग्रामीणों से मिलने सुपेबेड़ा पहुंचे। सुपेबेड़ा पहुंचकर राज्यपाल ने सबसे पहले पुरे गांव का दौरा किया, साथ ही ग्रामीणा से एक एक कर वहां फ़ैल रही बीमारी के सबंध में चर्चा की।

                इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव और विभाग के आला अफ़सर भी मौजूद रहे। पुरे गांव का दौरा करने के बाद राज्यपाल ने गांव के बीचों बिच चौपाल लगाकर ग्रामीणों से दिक्क्तों पर चर्चा की। चौपाल में उन्होंने कहा कि 10 या 15 वर्षो से ये समस्या यहाँ है, ऐसी जानकारी मिली है। साथ ही पेयजल की समस्या से किडनी की बीमारी यहाँ बढ़ रही है, हालाँकि शासन स्तर पर भी लगातार इस संबंध में काम किया जा रहा है।

इधर ग्रामीणों ने रोते बिलखते हुए अपनी पीड़ा राज्यपाल अनुसुइया उइके को सुनाई। ग्रामीणों ने कहा कि अब तक यहाँ 71 जानें किडनी की बीमारी की वज़ह से जा चुकी है। आज आने वाली पीढ़े को भी ये बीमारी चपेट में ले रही है। ग्रामीणों ने बताया कि अब तक हमारे हाथ में केवल निराशा ही हाथ लगी है। अगर इस बीमारी को रोका नही जाएगा तो एक समय ऐसा भी आएगा की सुपेबेडा का नाम और अस्तित्व ही मिट जाएगा।

अब सेंट्रल टीम करेगी स्टडी
राज्यपाल अनुसइया उइके ने कहा कि वे केन्द्र सरकार से सुपेबेड़ा में एक टीम को बुलाकर वस्तुस्तिथि का जायज़ा लिया जाएगा, और बिमारी की जड़ तक पहुंच कर उसके खात्मे के लिए काम करेगी। उन्होने कहा राज्य सरकार द्वारा जरूर राहत पहुंचाया जा रहा है, लेकिन इसे और गंभरीरता से लेने जरूरत है। राज्यपाल ने ग्रामीणों से कहा कि आप लोगों की पीड़ा से मुख्यमंत्री, मंत्री सभी चिंतित है। राज्यपाल ने ग्रामीणें की बातों को सुन कर जल्द से जल्द तेल नदी से फिल्टरयुक्त पानी की तुरंत व्यवस्था किये जाने पर जोर दिया। साथ ही राज्यपाल ने तत्काल मृत शिक्षाकर्मी के पत्नि को तत्काल कलेक्टर दर पर नियुंक्ति के लिए निर्देशित किया।