बे-मौसम बारिश से धान को पहुंच रहा भारी नुकसान…

पहले सूखा अब, बारिश-बदली से हलकान हो रहे किसान

रायपुर। प्रदेश के कई इलाकों में बीते दो-दिनों से हो रही बारिश-बदली ने फसल को नुकसान पहुंचाया है। धान समेत दलहन को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं बदली के कारण सब्जी फसलो में कीट की आशंका बढ़ गई है। इस साल अच्छी फसल की जगी उम्मीद पर किसान मायूस है।
मानसून वापसी के बाद भी प्रदेश में बेमौसम बदली-बारिश का दौर जारी है। पिछले दो-तीन दिनों से कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा रही है। बीती शाम-रात से लेकर सुबह तक बालोद में सबसे अधिक 88.2 मिमी, गुंडरदेही-82.0 मिमी, नगरी-65.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा कुरुद-63.4 मिमी, पाटन-62.0 मिमी, केसकाल-56.7 मिमी, मगरलोड-53.2 मिमी, गरियाबंद-46.6 मिमी, रायपुर शहर-46.4 मिमी, कांकेर-45.0 मिमी, कसडोल-45.0 मिमी, सूरजपुर में 42.6 मिमी बारिश हुई।


दूसरी ओर बेमौसम बारिश से खेतों में पककर खड़ी फसल गिरने लगी है। बालियां भी टूटकर गिर रही हैं। किसानों का कहना है कि आने वाले दिनों में इसी तरह बेमौसम बारिश हुई, तो धान की पैदावार भारी प्रभावित होगी। उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा । नुकसान खास कर अर्ली व्हेरायटी धान जो पककर तैयार हो गया है तथा कटाई शुरू हो गई है। कसडोल तहसील क्षेत्र के सोनाखान अर्जुनी महराजी नवागांव कंजिया चिखली देवतराई पंचायतों के करीब 30 ग्रामों, राजदेवरी इलाके के पूर्वी जोंक के 10-12 गांवों तथा बया कोरकोटी बडग़ांव आमगांव देवी रवान पंचायतों के ग्रामों में जल्द पकने वाली धान पककर तैयार हो गया है तथा छुटपुट कटाई का काम भी शुरू हो गया है। ऐसे में उन फसलों को जिनकी कटाई हो गई है शुक्रवार की बारिश से खेतों में ही भीग गया है। साथ ही खड़ी फसल गिर गई है। किसानों का कहना है कि क्षेत्र के 18 0 से 200 दिनों में पकने वाली धान की फसलों पर बालियां निकल चुकी हैं अथवा निकल रही है। जिससे फूलों के झडऩे से धान के पकने की संभावना कम ही रहती है।

धान की फसल को हो रहा है नुक़सान
ज्ञात हो कि शहर समेत प्रदेश के कई जगहों पर बीती शाम-रात से लेकर सुबह से अच्छी बारिश हुई। बालोद, गुंडरदेही, नगरी में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। दूसरी ओर बेमौसम बारिश से धान फसल को भारी नुकसान हुआ है और किसान उसकी पैदावार को लेकर चिंतित हैं। मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी एवं उत्तर-पूर्वी दिशाओं से नमी युक्त हवा आ रही है, जिसकी वजह से प्रदेश में बादल छाए हुए हैं और कहीं-कहीं बारिश भी हो रही है। इसके साथ ही राजस्थान पर बने चक्रवात की वज़ह से भी बारिश हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदेश में यह स्थिति दो-तीन दिन और बनी रहेगी। इस दौरान कहीं-कहीं अच्छी बारिश भी हो सकती है।

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