आरएस शर्मा को मिला हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में कुलपति का प्रभार

सोमवार को हाईकोर्ट ने कुलपति की नियुक्ति को ठहराया था असंवैधानिक

रायपुर। हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में कुलपति की नियुक्ति को हाईकोर्ट द्वारा असंवैधानिक ठहराए जाने के बाद डॉ. सुखपाल सिंह को हटाया गया है। डॉ. सुखपाल सिंह के बाद सरकार के प्रमुख सचिव कानून आरएस शर्मा को एचएनएलयू के कुलपति का प्रभार सौपा गया है।

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दरअसल सोमवार को ही हाईकोर्ट ने हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवसिर्टी के कुलपति डॉ. सुखपाल सिंह को सेवावृद्धि दिए जाने के आदेश को खारिज किया था। कोर्ट ने सेवावृद्धि देने के बाद नियम संशोधित किए जाने पर उनकी नियुक्ति को भी अवैध ठहराया था। जिसके बाद सरकार की तरफ से आरएस शर्मा को प्रभार सौपा गया है।

ये है पूरा मामला
डॉ.सुखपाल सिंह को मार्च 2011 को रायपुर स्थित हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवसिर्टी में कुलपति के पद पर नियुक्ति दी गई थी। उनकी नियुक्ति पांच वर्ष या 65 वर्ष की आयु, जो पहले हो, तक के लिए की गई थी। कुलपति की आयु 63 वर्ष छह माह होने पर बीच में ही यूनिवर्सिटी के चांसलर ने छह सितंबर, 2014 को उनकी सेवा में विस्तार कर पांच वर्ष या 70 वर्ष की आयु, जो पहले हो, तक के लिए कुलपति नियुक्त किया।
इसके खिलाफ यूनिवर्सिटी के सहायक प्राध्यापक व ईसी के सदस्य डॉ. अविनाश सामल ने अधिवक्ता कोषराम साहू के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट की एकलपीठ से याचिका खारिज होने पर उन्होंने डीबी में रिट याचिका दाखिल की। जस्टिस गौतम भादुड़ी व जस्टिस संजय एस. अग्रवाल की युगलपीठ में मामले की सुनवाई हुई थी।

सोमवार को आया था फैसला
पीठ ने मामले में सोमवार को 88 पन्नों का फैसला सुनाया। मामलें की सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने पाया था कि कुलपति पद के लिए आवश्यक अर्हता में परिवर्तन किया गया है। वह भी तब जब नियुक्ति पहले कर दी गई। पहले जो अर्हता थी, वह पांच साल या 65 साल थी। सुखपाल सिंह इस पद पर थे, तब उन्हें एक्सटेंशन दिया गया और उसके बाद नियम लाया गया। लिहाज़ा कोर्ट ने डॉ. सुखपाल सिंह की नियुक्ति को अवैध बताते हुए याचिका को निराकृत किया था।