हिस्ट्रीशीटर बुलटु ने गाडी पासिंग के लिए किया था विवाद, फिर मारा था चाक़ू…

आरोपी धर्मेंद्र सिंह का बेटा बोला पापा ने जान बचाने चलाई थी गोली

रायपुर। गाड़ी की लाइट से अपर-डिपर मारने का विवाद इतना बढ़ गया कि एक आदमी की जान चली गई। चार चक्के वाली गाडी की चमचमाती लाइट से दिए जाने वाले पासिंग सिग्नल को लेकर हुआ है यह पूरा मामला राजधानी रायपुर के हिस्ट्रीशीटर बुलटू पाठक और कारोबारी धर्मेंद्र सिंह के बीच का है। जिसमें धर्मेंद्र सिंह ने अपनी और बेटे की जान बचाने के लिए बुलटू पाठक पर गोली चलाई। हालाँकि इस फायरिंग हिस्ट्रीशीटर बुलटू पाठक ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया।


दरअसल कारोबारी धर्मेंद्र और उसका बेटा अपनी गाड़ी से जा रहे थे, इस दौरान उसी रास्ते से हिस्ट्रीशीटर पाठक भी अपने एक साथी सौरभ बंजारे के साथ निकल रहा था। इस दौरान धर्मेंद्र सिंह के बेटे ने गाड़ी चलाते वक्त अपनी गाड़ी आगे बढ़ाने के लिए पासिंग लाइट का इस्तेमाल किया। यह पासिंग लाइट हिस्ट्रीशीटर बुलटु पाठक को रास नहीं आई, और उसने अपनी पुरानी आदत के मुताबिक़ धर्मेंद्र सिंह और उसके बेटे से गाली-गलौच कर दी। जिसके जवाब में धर्मेंद्र सिंह और उनके बेटे ने भी उन्हें गाली दी और आगे बढ़ गए। लेकिन बुलटु उनके पीछा कर चांगोरा भाटा के कामाख्या मंदिर के नजदीक पेट्रोल पंप तक जा पहुंचा। पेट्रोल पंप में धर्मेंद्र सिंह और उनके बेटे अपनी गाड़ी में पेट्रोल भराने रुके ही थे कि बुलटू पाठक और उसका साथी सौरभ बंजारे ने फिर से वहां पहुंचकर विवाद किया।

                              विवाद के बीच ही हिस्ट्रीशीटर पाठक ने नशे की हालत में अपना चाकू निकालकर धर्मेंद्र सिंह के बेटे पर ताबड़तोड़ 2 वार किए। इस दौरान पाठक के साथ मौजूद सौरभ बंजारे ने धर्मेंद्र के बेटे को पकड़ रखा था। यह पूरा वाक्य पेट्रोल पंप के सीसीटीवी में भी कैद हुआ। जिसके बाद अपने और बेटे को बचाने के लिए धर्मेंद्र सिंह ने पहले कई कोशिश है कि लेकिन इन कोशिशों में फेल होने के बाद धर्मेंद्र सिंह ने अपने और बेटे की हिफाज़त के लिए बुलटू पाठक पर अपनी लाइसेंसी गन से फायर कर दिया। जिस में गोली लगने से बुलटू पाठक की मौत हो गई। इस पूरे मामले के बाद धर्मेंद्र सिंह ने खुद डीडी नगर थाना जाकर सरेंडर किया और पूरे मामले की जानकारी भी दी। जिसके बाद पुलिस ने धर्मेंद्र सिंह पर धारा 302 सौरव बंजारे पर 307 के तहत अपराध दर्ज किया है।

जान बचाने चलाई गोली
इधर अस्पताल में अपना इलाज करा रहे इस मामलें के चश्मदीद और धमेंद्र सिंह ठाकुर के बेटे शिवेंद्र सिंह ठाकुर की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। शिवेंद्र ने बताया कि पापा ने मेरी और खुद की जान बचाने के लिए फायर किया, नहीं तो वो हमे चाक़ू से गोदकर मार डालता। हालाँकि शिवेंद्र का भी पुलिस बयान अब तक नहीं हो पाया है।