हड़ताल : सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा कर्मचारियों का ये गाना, सुनिए…

हड़ताल में गाया गया था गाना अब जमकर हो रहा वायरल

रायपुर। हड़ताल में बैठे हड़तालीयों का सरकार के खिलाफ़ गाया एक गाना इन दिनों सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। अपनी आधा दर्जन मांगों को लेकर हड़ताल में गए प्रदेश भर के अनियमित कर्मचारियों को 15 दिन बीत चुके है। मगर सरकार की तरफ से उनके लिए कोई पैगाम अब तक नहीं आया है। प्रदेश भर के विभिन्न विभागों के अनियमित कर्मचारी संयुक्त प्रगतिशील कर्मचारी महासंघ के बैनर तले हड़ताल पर है। इस हड़ताल के दौरान वे सरकार पर हर रोज़ एक नए तरीके से कटाक्ष करते है।

रविवार के दिन हड़तालियों के मंच से एक गाना गाया गया जो सोशल मीडिया में काफी वायरल हो रहा है। हड़ताल में सामाजिक अंकेक्षण इकाई रायपुर के प्रदाता अनिल लहरे ने ये गाना गया है। अनिल का कहना है कि हम सरकार से हर तरीके से अपनी मांगों को मनाने आवेदन निवेदन कर रहे है। मुंडन, रक्तदान, चिकित्सा सुविधा जैसे हर टैंकों से हमने सीधे तौर पर लोगो को अपने साथ जोड़ने का काम भी किया है। जिसका परिणाम है कि सरकार द्वारा छले गए हज़ारों की संख्या में कर्मचारी के मंच पर आकर जनता भी उनका साथ दे रही है।

ये है गाना…

काहब तो लग जाहि धक से.. धक से

बड़े बड़े लोगन के बंगला दो बंगला
अउ भईया ओमा एसी अलग से….

काहब तो लग जाहि धक से.. धक से

हमन गरीबन के झोपड़ी जुलमवा
झोपड़ी ले पानी चूहे टप से….टॉप से

काहब तो लग जाहि धक से.. धक से

बड़े बड़े लोगन के मोटर अउ कार भैया
अउ भैया ओमा पल्सर अलग से…. अलग से

काहब तो लग जाहि धक से.. धक से

हमन गरीबन के साइकिल जुलमवा
साइकिल के टायर फटे फट से….फट से

काहब तो लग जाहि धक से.. धक से

बड़े बड़े लोगन के खीर अउ पूड़ी भैया
अउ भैया ओमा हलवा अलग से… अलग से

काहब तो लग जाहि धक से.. धक से

हमन गरीबन के रोटी जुलमवा
खाए तो पेट करे धप से…धप से

काहब तो लग जाहि धक से.. धक से

ये रखी है मांगें
छग संयुक्त प्रगतिशील कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष अनिल देवांगन ने बताया कि महासंघ वित्तीय सुरक्षा, सेवा से पृथक करने की समाप्ति, योजनाओं का आवंटन शासन से विभागों में लिया जा रहा है, उन्हें सेवा में बहाल करने, अर्धशासकीय कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारीयों का नियमितीकरण, आउट सोर्सिंग और ठेका बंद करने, सभी को शासकीय सेवक का दर्जा देने की मांग की है।