पत्रकार सुरक्षा क़ानून का ख़ाका हो रहा तैयार, जल्द होगा लागू – CM भूपेश

रायपुर प्रेस क्लब में प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री

रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब में प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में सूबे के मुखिया भूपेश बघेल पहुंचे। जहाँ उन्होंने राजधानी के पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए, वहीं अपने अनुभव और फैसलों पर भी खुलकर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारों के लिए राज्य सरकार ने सम्मान निधि को 5 हजार रूपए से बढ़ाकर 10 हजार रूपए कर दिया है। अधिमान्यता को राज्य और जिला से बढ़ाकर अब ब्लाक तक कर दिया गया है। उन्होंने अपने मंचीय उद्बोधन में सीएम भूपेश ने कहा कि पत्रकारों के लिए चिकित्सा सुविधा के तहत अधिकत्तम सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 2 लाख रूपए कर दिया गया है। पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कानून बनाने के लिए न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित कमेटी द्वारा इस दिशा में कार्य किया जा रहा है।


सीएम भूपेश ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पिछले 10 माह के कार्यकाल के दौरान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए किए गए कार्यो से न केवल लोगों की क्रय शक्ति बढ़ी है बल्कि जब पूरा देश मंदी के दौर से गुजर रहा है, वहां छत्तीसगढ़ में अन्य सेक्टरों में तेजी आयी है। सीएम बघेल ने कहा कि मुझे खुशी है कि पिछले 10 माह में राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ महतारी की झोली में कुछ महत्वपूर्ण उपलब्धियों को डालने में सफल रही है जिसकी जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। किसानों की कर्ज माफी, 2500 रूपए क्विंटल में धान खरीदी, तेन्दूपत्ता की पारिश्रमिक दर 2500 से बढ़ाकर 4000 रूपए प्रति मानक बोरा करने सहित अनेक ऐसे निर्णय लिए गए है, जिससे लोगों की क्रय शक्ति बढ़ी है साथ ही समाज के सभी वर्गो को आर्थिक विकास में भागीदार बनाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। चहुंमुखी विकास के छत्तीसगढ़ के इस मॉडल ने न सिर्फ प्रदेश के विभिन्न वर्गो को राहत और न्याय दिया है बल्कि राष्ट्रव्यापी आर्थिक मंदी के बढ़ते कदमों को मात देने का काम भी किया है।

मंदी में भी पकड़ी रफ़्तार
सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि देश के प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा जारी आकड़े बताते राज्य में शिक्षित बेरोजगारी दर में कमी और श्रमिक भागीदार में बढ़ोत्तरी हुई है। इसी तरह राज्य सरकार द्वारा छोटे भूखण्डों की खरीदी-बिक्री से रोक हटाने से न केवल खरीदने और बेचने वालों को राहत मिली है बल्कि छोटे और मध्यम परिवारों के लिए घर का सपना साकार हुआ है साथ ही मकानों के बनने से कई लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित हुए है। ऑटोमोबाइल सेक्टर में जहां राष्ट्रीय स्तर पर गिरावट दर्ज की जा रही है वहीं छत्तीसगढ़ में इसमें वृद्धि हुई है।