जेल में कैदी की हत्या के बाद भी नहीं सीखा सबक़…अब फिर जाँच

रायपुर सेन्ट्रल जेल में हो चुकी है हत्या, मारपीट के कई मामलें

रायपुर। राजधानी रायपुर के सेंट्रल जेल में एक बार फिर सोमवार को दो कैदियों के बीच मारपीट का मामला सामने आया। जिसके बाद जेल प्रशासन ने बीच बचाव करते हुए घायल कैदी को गंभीर अवस्था में इलाज के लिए भर्ती कराया है। इलाज करा रहे कैदी की हालत फिलहाल स्थिर बताई गई है। सोमवार को हुए इस खूनी संघर्ष में कैदी रंजीत सिंह पर बांस की लकड़ी में लगे ब्लेड से दूसरे कैदी टीटू ने ताबड़तोड़ हमला किया था। इस खूनी खेल के बाद जेल के अंदर मचे कोहराम को जैसे तैसे प्रहरियों ने सम्हाला और रंजीत को अस्पताल में भर्ती कराया था।


इधर इस मामले के बाद एक बार फिर सवाल उठने लगे है कि तगड़ी सुरक्षा, स्कैनर और सीसीटीवी कैमरे की जद में होने के बावजूद जेल बैरक के अंदर ब्लेड और बांस कैसे पहुंचा यह सबसे बड़ा सवाल है ? कई लेयर के सिक्योरिटी सिस्टम से गुजर कर जेल प्रहरी भी जेल के अंदर दाखिल होते है, तो यह खूनी खेल का सामान जेल के अंदर कौन लेकर जा रहा है इस बात की जांच भी अब जेल प्रशासन ने शुरू कर दी है। हालांकि इस तरह की जांच अब तक जेल में दर्जनों बार हो चुकी है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

सेन्ट्रल जेल में हो चुकी है हत्या
साल 2016 में रायपुर सेंट्रल जेल में एक कैदी की हत्या तक कर दी गई थी। इस मामले में आजीवन कारावास काट रहे कैदी नरेंद्र कुमार साहू ने दूसरे कैदी वेद राम साहू की हत्या कर दी थी। वेदराम की उम्र तकरीबन 34 साल थी और वह भी रायपुर सेंट्रल जेल में हत्या के आरोप में ही बंद था। दोनों के बीच आपसी विवाद हुआ और उसे जेल प्रशासन ने सुलझा कर अलग अलग बैरकों में बंद कर दिया था। जिसके बाद ये रंजिश हत्या तक जा पहुंची और जेल की बड़ी गोल में जब कैदी बाहर निकलते है उस दौरान नरेंद्र ने कैंची से वार कर वेदराम की हत्या कर दी थी।

पिछले साल भी हुआ खुनी संघर्ष
साल 2018 में भी इसी तरह का एक मामला सामने आया था जब नरबलि का एक आरोपी अशोक कुमार दीवार जो जांजगीर-चांपा जिले का निवासी था, उसे रायपुर जेल में शिफ्ट किया गया था। वही दूसरा कैदी मोहन मुरारी साल 2018 से हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। इन दोनों के बीच भी खूनी संघर्ष हुआ था। इस मामले में अशोक धीवर ने मोहन मुरारी को ईट से पीट-पीटकर चोटिल कर दिया था और मोहन को सर, पीठ और कंधे की हड्डी में कई जगह फैक्चर आए थे।

जांच और कार्यवाही होगी
इस मामलें में जेल अधीक्षक और डीआईजी जेल केके गुप्ता ने जांच कराने की बात कहीं है, वही दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की बात भी उन्होंने कही है। उन्होंने बताया कि सभी जेलों में वीकली सरप्राइज चैकिंग की जाती है इसके आलावा भी रोजाना रूटीन की जांच पड़ताल ज़ारी रहती है। बावजूद इसके इस तरह के सामानों की बरामदगी पर निसंदेह जांच कराकर कार्यवाही की जाएगी।