पंचमी पर गर्भगृह से बाहर आई “माई दंतेश्वरी की डोली”

नवरात्र की अष्टमी को बस्तर दशहरे के लिए होगी रवाना

दंतेवाड़ा। शारदीय नवरात्रि की पंचमी तिथि पर बस्तर की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी देवी की डोली आज उनके गर्भ गृह से बाहर आई है। अब अष्टमी तिथि पर पूजापाठ के बाद माई दंतेश्वरी दशहरे के लिए रवाना होंगी। पंचमी के दिन माँ दंतेश्वरी के दरबार में तडक़े सुबह ही श्रद्धालु अपनी आस्था के साथ माँ दण्तेष्वरी के दरबार में पहुंचे थे। अपनी आराध्य देवी की एक झलक पाकर उनसे आशीर्वाद लेने भक्तों का तांता लगा रहा। मंदिर परिसर से ये कतार दंतेवाड़ा बीएस स्टैंड तक जा पहुंची थी जिसमें आहिस्ते आहिस्ते सभी दर्शनार्थियों को माँ दंतेश्वरी का दर्शन घंटों के इंतज़ार के बाद मिला।

दंतेश्वरी के दरबार में आज यानी पंचमी तिथि का ख़ासा महत्व होता है। आज के ही दिन माँ दंतेश्वरी को बस्तर के मशहूर दशहरे के लिए चंदन के आसन पर विराजित कराया जाता है, साथ ही माता की डोली भी मंदिर के गर्भगृह से बाहर निकाल कर उसकी साजसज्जा कर पूजापाठ किया जाता है। अब माता दंतेश्वरी इसी डोली पर विराजमान होकर विश्व के सबसे बड़े और लंबे पर्व “बस्तर दशहरा” में भाग लेने के लिये निकलेंगी। गौरतलब है कि बस्तर नरेश कमल चंद्र भंजदेव ने माता दंतेश्वरी को सैकड़ो साल पुरानी परंपरा के मुताबिक़ बस्तर दशहरा में शामिल होने के आमंत्रण दिया था, जिसे स्वीकार कर माँ बस्तर दशहरा में शामिल होने के लिये जगदलपुर जाती है।