मानसून सत्र : प्रश्नकाल में उठा निजी स्कूलों का मामला

आरटीई से जुड़े सवालों के जवाब पर विपक्ष की नाराजगी

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र के पांचवे दिन सदन में निजी स्कूलों का मामला गरमाया। बेलतरा विधायक रजनीश कुमार सिंह ने प्रश्नकाल के दौरान बिलासपुर जिले के मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों सम्बन्धी सवाल उठाया। उन्होंने निजी स्कूल के संचालन और निजी स्कूल मान्यता प्राप्त संख्या की जानकारी आसंदी के माध्यम से स्कूल शिक्षा मंत्री से मांगी।

             साथ ही निजी स्कूलों में शुल्क निर्धारण के नियम भी पूछे। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह ने आसंदी को जवाब देते हुए कहा कि 690 मान्यता प्राप्त निजी स्कूल संचालित है। बग़ैर मान्यता के एक भी स्कुल संचालित होने की जानकारी शिक्षा मंत्री ने सदन को दी। उन्होंने कहा कि RTE कक्षा 1 से 8वीं तक के लिए शुल्क का प्रावधान है, उसी के तहत निर्धारण हो रहा है। 9वीं से 12वीं तक के लिए निर्धारण का कोई प्रावधान नहीं।

फीस नियामक आयोग पर हंगामा
इसी सवाल से जोड़कर नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने मंत्री से फीस नियामक आयोग का गठन की जानकारी ली। इस पर मंत्री ने नियमों का हवाला देते हुए इसे प्रक्रियाधीन बताया। लेकिन मंत्री के जवाब से असंतुष्ट बीजेपी विधायकों ने हंगामा किया।

चंद्राकर के बयान पर हंगामा
इसी बीच अजय चंद्राकर के आदिवासी मंत्रियों पर किए गए कटाक्ष पर सत्ता पक्ष के विधायकों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की। आसन्दी के हस्तक्षेप पर मामला शांत हुआ। वहीं विधानसभा अध्यक्ष ने विधायक अजीत जोगी से इस मामले में बतौर एक्सपर्ट ओपिनियन लिया। अजीत जोगी ने कहा – किसी के खिलाफ भी जाति वाचक शब्द का इस्तेमाल नहीं करना चाहिये, अगर गलती से शब्द निकला है तो माफी मांगना चाहिए। इसके बाद अजय चंद्राकर के व्यंग्यात्मक तरीके से माफी मांगी। इससे असंतुष्ट सत्ता पक्ष के विधायकों ने जमकर हंगामा किया।