अंबेडकर अस्पताल में अब तुरंत मिलेगा एक्स-रे डेढ़ करोड़ की नई मशीन लोकार्पित

अंबेडकर अस्पताल में कैंसर संस्थान को मिली डीआर मशीन

रायपुर। अब राजधानी रायपुर के डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के क्षेत्रीय कैंसर संस्थान में कैंसर मरीजों को और भी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने आज यहाँ अत्याधुनिक एक्स-रे जांच मशीन डी.आर.(डिजिटल रेडियोग्राफी) सिस्टम का लोकार्पण किया है। सिंहदेव ने इसका शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रदेश में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा हर संभव पहल की जा रही है।

                     उन्होंने बताया कि यहां आज स्थापित अत्याधुनिक मशीन डिजिटल एक्स-रे से शरीर के अंगों की छवि बहुत कम समय में प्राप्त की जा सकती है। यह मशीन मरीजों के तुरंत जांच और इलाज में बेहतर साबित होगी। टीएस सिंहदेव ने यह भी बताया कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय में इस मशीन को मिलाकर कुल तीन अत्याधुनिक एक्स-रे जांच मशीन की सुविधा उपलब्ध हो गई है। इससे मरीजों को बिना परेशानी के तत्परता से जांच की सुविधा उपलब्ध होगी।

तुरंत मिलेगा एक्स-रे
गौरतलब है कि लगभग डेढ़ करोड़ रूपए की लागत से स्थापित डी.आर. सिस्टम मशीन से मरीजों का उच्च गुणवत्तापूर्ण डिजिटल एक्स-रे अपेक्षाकृत कम समय में किया जा सकेगा। इसमें मरीज का एक्स-रे करने के बाद कम्प्यूटर स्क्रीन पर इमेज तुरंत दिखाई देने लगती है। यह मशीन मरीजों की जांच एवं इलाज में अत्यंत लाभदायक सिद्ध होगी। डी.आर. सिस्टम से एक्स-रे करने में बहुत ही कम समय लगता है। इसमें इमेजिंग प्लेट की आवश्यकता नहीं होती है। यह एक्स-रे के जरिये शरीर के अंगों की छवि प्राप्त करने का एक आधुनिक तरीका है जो पारंपरिक एनालॉग इलेक्ट्रॉनिक फिल्म के स्थान पर डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक सेंसर और डिजिटल कैप्चरिंग डिवाइस का उपयोग करता है। इससे एक्स-रे फिल्म तुरंत प्राप्त होती है।

ऐसे काम करती है मशीन
पारंपरिक एक्स-रे सिस्टम के मुकाबले डी.आर. सिस्टम की प्रोसेसिंग स्पीड अधिक होती है। इसमें छवियों का तुरंत रिव्यू किया जा सकता है। इसके लिये एनालॉग फिल्म, कैसेट, डार्करूम और रासायनिक प्रकियाओं द्वारा विकसित केमिकल की जरूरत नहीं पड़ती। जब मरीज का एक्स-रे किया जाता है तो मशीन में लगा रिसेप्टर (संग्राहक) इमेज को कैप्चर करता है और व्यू-स्टेशन के सॉफ्टवेयर में स्थानांतरित करता है। इससे डिजिटल इमेज प्राप्त होती है। इस प्रक्रिया से प्राप्त डिजिटल छवि को संबंधित वर्क-स्टेशनों में वितरित किया जा सकता है, जिससे जांच और इलाज की गति व दक्षता बढ़ जाती है।