अब 21 साल का भी हो सकता है महापौर और पंचायत अध्यक्ष

भूपेश कैबिनेट ने निगम एक्ट के संशोधन अध्यादेश को दी मंज़ूरी

रायपुर। छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम (संशोधन) अध्यादेश, 2019 एवं छत्तीसगढ़ नगर पालिका (संशोधन) अध्यादेश, 2019 का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत महापौर/अध्यक्षों का निर्वाचन अप्रत्यक्ष रीति से होगा। जिसमें निर्वाचित पार्षदों के द्वारा निर्वाचित पार्षदों में से महापौर/अध्यक्षों का निर्वाचन किया जाएगा। चुनाव दलीय आधार और मतपत्र से होगा। पार्षद निर्वाचन के लिए आयु सीमा न्यूनतम 21 वर्ष तय है। इसके आलावा भूपेश कैबिनेट ने
राज्य की नवीन औद्योगिक नीति 2019-24 का अनुमोदन किया गया। जो आगामी एक नवंबर से 31 अक्टूबर 2024 के लिए लागू होगी। आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति, 2016 में संशोधन का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत आपसी सहमति से ग्रामीण क्षेत्रों में अर्जित की जाने वाली भूमि एवं उस भूमि पर स्थित स्थावर परिसंपत्तियों के मूल्य की मुआवजा राशि को दो गुना से बढ़ाकर 4 गुना किया गया है। इसके आलावा राज्य के शहरी क्षेत्रों में नगरीय निकायों द्वारा निर्मित दुकानों के किराए में कटौती का निर्णय लिया गया।

जिससे करीब 3 हजार हितग्राही लाभान्वित होंगे। पूर्व में इन दुकानों का किराया स्वीकृत प्रीमियम राशि का 7.2 प्रतिशत अधिकतम था जिसे घटाकर ऑफसेट प्राइस के 2 प्रतिशत पर सीमित किया गया। इससे निकाय क्षेत्रों में खाली दुकानों की नीलामी उचित मूल्य पर संभव हो सकेगी साथ ही निकायों की आय में भी वृद्धि होगी। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के गठन आदेश की कंडिका-3(5) में संशोधन का अनुमोदन किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष कोरबा के अध्यक्ष को सदस्य के रूप में शामिल किया गया।
विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित 14 प्रकरणों को जनहित में न्यायालय से वापस लेने का निर्णय लिया गया।


भारतीय वन सेवा (संवर्ग) नियम 1966 के नियमों के तहत प्रधान मुख्य वन संरक्षक वेतनमान में दो अस्थायी संवर्गीय पदों का दो वर्ष के लिए सृजन का निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ के रहने वाले तथा छत्तीसगढ़ में शहीद हुए सी.आर.पी.एफ. के आरक्षक शहीद नीरज शर्मा के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नही होने के कारण उनके छोटे भाई श्री सूरज शर्मा को जिला बल में आरक्षक (सामान्य) पद पर विशेष नियुक्ति का निर्णय लिया गया।
श्रीमती सविता दास वैष्णव अनिवार्य सेवानिवृत्त निरीक्षक को पुनः सेवा में बहाल किए जाने का निर्णय लिया गया। राज्य शासन के विभिन्न विभागों में अपलेखित भण्डार को नीलाम करने हेतु ऑनलाईन आक्शन का विकल्प करने हेतु भारत सरकार के सार्वजनिक उपक्रम MSTC Ltd को नामांकन के आधार पर अधिकृत करने का निर्णय लिया गया।