छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में सत्ता पर हावी विपक्ष

विपक्ष की रणनीति को ध्वस्त करने सत्ता पक्ष ने भी शुरू की कवायद

रायपुर|12 जुलाई से छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। भूपेश सरकार अपने अब तक के कामकाज से संतुष्ट है तो वही विपक्ष ने घेरने की तैयारी कर ली है ।

मानसून सत्र में होगी 6 बैठकें
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के लिए सदस्यों ने अब तक कुल 946 सवाल लगाए हैं। सत्र 12 जुलाई से शुरू होकर 19 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान सदन की छह बैठकें होंगी। विधानसभा सचिवालय के अनुसार प्रश्न लगाने की निर्धारित समय सीमा में कुल 946 प्रश्न की सूचना प्राप्त हुई है। इसमें 495 तारांकित और 451 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं। सत्र के पहले दिन प्रश्नकाल में सवालों की शुरूआत मुख्यमंत्री के विभाग से होगी। सरकार की तरफ से सत्र के दौरान चालू वित्तीय वर्ष का पहला अनुपूरक बजट पेश किए जाने की संभावना है। अफसरों के अनुसार वित्त विभाग इसकी तैयारी में लगा हुआ है। इसके चार हजार करोड़ के आसपास का होने का अनुमान है।

भाजपा भाजपा ने धारदार बनाई रणनीति
उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो पिछले विधानसभा सत्र में कांग्रेस की भारी-भरकम जीत के बाद भी विपक्ष ने आक्रामक रूख अपनाया। इस सत्र से पहले भाजपा ने लोकसभा चुनाव में बड़ी जीत दर्ज की और केंद्र में मोदी की सरकार दोबारा बनी है। ऐसे में सरकार को पूरे जोर के साथ घेरने की तैयारी की जा रही है। माना जा रहा है कि विपक्ष के पास कोई खास मुद्दे हालाकि नही हैं। लेकिन बीते 6 महिनों पर नजर डाली जाए तो भाजपा विधायक भीमा मंडावी की नक्सली हत्या, हिरासत में आदिवासी युवक की मौत,बिजली कटौती आदि के साथ कांग्रेस सरकार के वादों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति विपक्ष मे बैठी भाजपा ने बना लिया है। बताया जा रहा है कि भाजपा किसानों की कर्ज माफी को भी सदन में उठाने की तैयारी में है। किसानों का सरकार ने कर्जमाफी का दावा किया है, लेकिन बड़ी संख्या में किसानों को कर्जमाफी का सर्टिफिकेट नहीं मिलने के कारण नया लोन नहीं मिल रहा है। इसको देखते हुए सरकार ने प्रदेश के एक हजार 333 सहकारी समितियों में कर्जमाफी का प्रमाणपत्र बांटने की जिम्मेदारी मंत्रियों और विधायकों को दी है। इसके साथ ही प्रदेश की कानून व्यवस्था और बदलापुर की राजनीति को लेकर भी भाजपा अब सरकार को घेरने के फिराक में है। इधर अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ बसपा के साथ गठबन्धन के साथ अपने कुल 7 विधायको के साथ सदन में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी लाएगी।

      सत्ता पक्ष है बहुमत से लबरेज
मानसून सत्र में सरकार अनुपूरक बजट के साथ सात संशोधन विधेयक भी लाने की तैयारी में है। सत्र के लिए प्रश्न लगाने वालों में सत्तारूढ़ कांग्रेस विधायकों की संख्या अधिक है। सरकार पंचायत एवं विकास विभाग, गृह, वित्त, उच्च शिक्षा और नगरीय प्रशासन के सात विधेयकों को संशोधन के लिए सदन में प्रस्तुत करेगी। साथ ही सत्ता पक्ष अपने प्रचंड बहुमत को लेकर आत्मविश्वास से लबरेज नजर आ रही है। अविष्वास प्रस्ताव को भी सरकार दरकिनार कर विपक्ष के सदस्यों की गिनती को सामने रख रही है।