घरों में नज़रबंद हुए पुलिस परिवार, धरना स्थल और पहुंच मार्ग बनी छावनी

रायपुर। पुलिस परिवार द्वारा आंदोलन को तोड़ने विभाग के आला अफसर और सरकार लगभग कामयाब नज़र आ रही है। आंदोलन को तोड़ने के लिए हर चौक चौराहों पर वर्दी का पहरा है, साथ ही रायपुर रेंज आईजी प्रदीप गुप्ता ने खुद आज की कमान सम्हाल रखी है। मिली जानकारी के मुताबिक आईजी गुप्ता सुबह 7 बजे से पुलिस लाइन, ईदगाहभाठा, सीएम हॉउस, राजभवन, सिविल लाइन, सरस्वती नगर थाना, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन का एक चक्कर लगा चुके है। इन स्थानों पर तैनात बालों से उन्होंने रिपोर्ट भी मांगी और आदेश भी दिए कि कोई भी आदोलनकर्ता नज़र आए तो उन्हें सीधे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।
इधर एसएसपी अमरेश मिश्रा और आरआई गुरजीत सिंह ने पीटीएस से रंगरूट बुलवाकर लाइन के कॉलोनी वालो को नज़र बंद कर रखा है। आलम ये है कि पुलिस कर्मियों के परिवार में केवल पुलिस वाले ही ड्यूटी के लिए बाहर निकल पाए है, बाकी सदस्य, महिलाएं और बच्चों को भी लाइन के घरों में नज़रबंद रखा गया है। ये हाल लगभग राजधानी हर पुलिस कॉलोनी का है। इतना ही नहीं रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, बस, ऑटो और गाड़ियों को भी पुलिस के जवान चैक कर रहे है। मिली जानकारी के मुताबिक अब तक शहर भर के अलग अलग स्थानों से पुलिस प्रशासन ने 120 की संख्या में पुलिस परिवार के लोगो की गिरफ्तारी कर ली है। इनमे लगभग 30 की गिरफ्तारी धरना स्थल से की गई और बाकी की गिरफ्तारी बस अड्डे, स्टेशन से की गई है।

रास्ते भर में चौकसी
बुढातालाब से लेकर ईदगाहभाटा धरना स्थल पहुंच मार्ग में पुलिस परिवारों को रोकने तगड़े इंतज़ामात किए गए है। हर चौक चौराहों में कम से कम एक एसआई स्तर के अधिकारी के साथ दो से चार मेजर और 10 आरक्षकों को तैनात किया गया है।

कार, बस और ऑटो कर रहे चैक
राजधानी के हर एंट्रेंस को छावनी में तब्दील कर चुकी पुलिस एक एक कार, बस और ऑटो को खंगालती नज़र आ रही है। आला अफसरों का निर्देश है कि दीगर जिलों से अगर बचते बचाते भी पुलिस कर्मियों के परिजन रायपुर पहुंचते है तो उन्हें धरना स्थल पहुंचने से पहले ही कैद कर लिया जाए।