भौमिकी और खनिकर्म की बैठक में खनिज संपदा के लिए बनी नीतियां

रायपुर। भौमिकी और खनिकर्म राज्य स्तरीय भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम मंडल की 18वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में खनिजों की खोज से जुड़े छत्तीसगढ़ शासन और केन्द्र सरकार के विभिन्न विभागों और तकनीकी संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। जिसमें पिछले वित्तीय वर्ष 2017-18 में छत्तीसगढ़ में खनिज की खोज के लिए किए गए कार्यों की समीक्षा की गई, साथ ही नये वित्तीय वर्ष 2018-19 में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में खनिज अनुसंधान के लिए प्रस्तावित कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया गया। राज्य स्तरीय भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम मंडल की बैठक में केन्द्र सरकार की ओर से भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण, परमाणु खनिज अनुसंधान विभाग, सेन्ट्रल माइन प्लानिंग एण्ड डिजाईनिंग इंस्टीट्यूट, सेन्ट्रल इंस्टीट्यूट फॉर माइनिंग एण्ड फ्यूल रिसर्च, मिनरल एक्सप्लोरेशन कार्पोरेशन लिमिटेड, भारतीय खनन ब्यूरो, केन्द्रीय भू-जल सर्वेक्षण विभाग, राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) तथा एयर बोर्न खनिज अन्वेषण प्रभाग के अधिकारी भी शामिल रहे। इस बैठक में प्रदश की खनिज सम्पदा के संरक्षण और उचित दोहन पर गहन चर्चा हुई।

गौरतलब है कि 2011-12 में सम्पूर्ण देश में लगभग 15957.02 (13.31 प्रतिशत) करोड़ रूपए मूल्य के खनिज उत्पादन के साथ छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर तीसरे स्थान पर था। वित्तीय वर्ष 2014-15 में लगभग 19566 करोड़ रू. मूल्य के खनिजों का उत्पादन कर राष्ट्र के खनिज उत्पादक राज्यों में तीसरे स्थान पर हैं। यहाँ देश की कुल कोयला का 17 प्रतिशत, लोहा अयस्क का 18.67 प्रतिशत भण्डार तथा टिन अयस्क का 37.69 प्रतिशत भण्डार राज्य में उपलब्ध हैं। देश के लौह अयस्क के उत्पादन में छत्तीसगढ़ की सहभागीता 14.02 प्रतिशत है। लौह अयस्क के उत्पादक राज्यों में छत्तीसगढ़ द्वितीय स्थान पर है अन्य खनिजों में क्वार्टजाइट के उत्पादन में प्रथम स्थान, टिन के उत्पादन में प्रथम स्थान, डोलोमाइट में प्रथम स्थान, बाॅक्साइट में पंचम स्थान एवं चूनापत्थर के उत्पादन में सातवें स्थान पर है।

इन जिलों में है खनिज संपदा की भरमार
छत्तीसगढ़ के कोरबा ,रायगढ़ ,कोरिया जिले में कोयला, बलौदाबाजार,रायपुर ,जांजगीर चाम्पा में चुना, दंतेवाड़ा ,बालोद, कांकेर में लोहा, बलरामपुर ,कवर्धा ,सरगुजा में बॉक्साइट और बिलासपुर ,जांजगीर चाम्पा,रायगढ़ में डोलोमाइट सर्वाधिक मात्रा में पाए जाते है।