भाजपा कार्यसमिति की बैठक मे आया राजनितिक प्रस्ताव

लोकसभा जीत के बाद, नगरीय निकाय चुनाव पर भाजपा की नजर

रायपुर | भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ की रविवार को कार्यसमिति की बैठक हुई। बैठक में राजनितिक प्रस्तावों को पूर्व मंत्री और विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने रखा। जिसका समर्थन पूर्व मंत्री केदार कश्यप ने किया। भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ की यह कार्यसमिति ऐसे समय में हो रही है, जब भारत एक नए युग में प्रवेश कर चुका है, ऐसे समय में जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी को ऐतिहासिक जीत मिली है। .भाजपा इसे भारत का पुनर्जागरण काल मन रही है। इस लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को जैसा अभूतपूर्व जनादेश मिला है, इसके लिए कार्यसमिति में अपने नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनन्दन किया। साथ ही अमित शाह के सांगठनिक नेतृत्व में हासिल इस उपलब्धि के लिए अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रति भी अशेष आभार भी व्यक्त किया। इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी की कार्यसमिति ने देश/प्रदेश की जनता, मतदाता बंधुओं का अशेष आभार व्यक्त करते हुए उन्हें विश्वास दिलाया कि भाजपा निस्वार्थ भाव से देश सेवा में स्वयं को समर्पित कर दिया है।


भारतीय जनता पार्टी को मिले 303 सीटों में से 220 सीटों पर 50 पचास प्रतिशत से ज्यादा वोट मिलना यह दिखाता है कि वास्तव में इस बार भारतीय लोकतंत्र ने ‘बहुमत का शासन’ के लिए जनादेश दिया है। जनता ने भाजपा नीत राजग को 353 सीट देकर मजबूत लोकतंत्र एवं सशक्त भारत निर्माण में अपनी महती भूमिका निभायी है। छत्तीसगढ़ समेत तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव के निराशा से उबरते हुए भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश में लोकसभा चुनाव में जैसा प्रदर्शन किया है, यह भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित होने योग्य है। गत विधानसभा चुनाव में पार्टी को छग में 75 विधानसभा सीटों पर हार का मूंह देखना पड़ा था, इसके उलट मात्र सौ दिन के भीतर भाजपा तब के 15 सीटों के उलट 66 सीटों पर बढ़त बनाने में कामयाब रही, यह राजनीति शास्त्र के अध्येताओं के लिए भी आश्चर्य का विषय होगा। मात्र सौ दिनों के भीतर प्रदेश में भाजपा ने अपने मतों में 18 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि हासिल की है, अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के आह्वान को पूरा करते हुए पहली बार प्रदेश में पार्टी 50 प्रतिशत से ज्यादा वोट हासिल करने में सफल रही, इस उपलब्धि के लिए भाजपा के दैव दुर्लभ कार्यकर्ताओं की जितनी प्रशंसा की जाय, कम है.

भाजपा के राष्ट्रिय उपाध्यक्ष ने किया प्रदेश सरकार पर तीखा वार
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रिय उपाध्यक्ष और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह कार्यसमिति को सम्बोधित करते हुए कहा की प्रदेश की जनता ने जिस उम्मीद से कांग्रेस को सत्ता सौंपी थी, उसके जिस ‘वक्त है बदलाव का’ नारे पर भरोसा कर लिया था, वह जल्द ही समझ गयी कि कांग्रेस के लिए यह जनादेश केवल ‘वक्त है बदला का’ बहाना था। दुर्भाग्यजनक है कि अपना सारा चुनावी वादा भूल कर कांग्रेस सरकार केवल प्रतिशोध की राजनीति में जुट गयी है। उसका दुष्परिणाम सामने है. हर रचनात्मक कार्य करने में विफल भूपेश सरकार अब बौखलाहट में, सोशल मीडिया पर लिखने वालों तक को निशाना बना रही है। प्रदेश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात हो गए हैं. इससे पहले कभी भी छत्तीसगढ़ ने अभिव्यक्ति की आज़ादी पर इतना संकट नहीं देखा था। प्रदेश की जनता को शासन का ही भय सताने लगा है. यह प्रदेश के लिए विषम परिस्थिति है। प्रदेश की यह कार्यसमिति कांग्रेस सरकार को चेतावनी देना चाहती है कि वह जिन वादों के साथ सत्ता में आयी है, उसे पूरा करे और अपनी विफलताओं की बौखलाहट में जनता का दमन नहीं करे. छग कांग्रेस को, भारतीय जनता पार्टी की पूर्व सरकार से सीख लेना चाहिए, जिसने समानता, सदभाव एवं विकासवादी सरकार चलाकर छत्तीसगढ़ को देश के मानचित्र में एक प्रतिष्ठापूर्ण स्थान दिलाया और विकास एवं गरीबों की सेवा के नित नये कीर्तिमान स्थापित किये.