रायपुर के बसपा प्रत्याशी नहीं लड़ेंगे चुनाव…ये है वज़ह

बसपा प्रत्याशी ने प्रमोद दुबे के समर्थन में चुनाव नहीं लड़ने का फ़ैसला

रायपुर। रायपुर लोकसभा के कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद दुबे के समर्थन में बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी खिलेश्वर साहू ने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। बहुजन समाज पार्टी के रायपुर लोकसभा सीट से अधिकृत प्रत्याशी खिलेश्वर साहू ने यह फैसला केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ और लोकसभा चुनाव में उन्हें मात देने के नियत से लिया है। इस दौरान खिलेश्वर ने कांग्रेस प्रवेश की इच्छा भी जताई है।

प्रमोद दुबे                          जिस पर कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल फैसला लेंगे। प्रमोद को समर्थन देने का ऐलान करने पहुंचे बसपा के खिलेश्वर ने पार्टी के खिलाफ भड़ास निकाली है। खिलेश्वर ने बसपा के खिलाफ एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि बहुजन समाज पार्टी ने उन्हें रायपुर लोकसभा सीट पर प्रत्याशी तो घोषित कर दिया लेकिन चुनाव लड़ने के लिए कोई फंडिंग नहीं दी। फंडिंग पर खिलेश्वर ने ये भी कहा कि पार्टी मुख्यालय से तो चुनाव लड़ने रक़म दी जाती है मगर ऊपर बैठे पदाधिकारी और वरिष्ठ नेताओं की जेबों जाते हुए उस रकम का कुछ हिस्सा ही प्रत्याशी तक पहुंच पाटा है। मगर चटसगढ़ में तो प्रत्याशियों को फंड के नाम कुछ भी नहीं दिया गया है। हर प्रत्याशी अपने खर्च पर चुनावी मैदान में जूझ रहा है।

कार्यकर्ताओं को भेजा जांजगीर
बसपा से रायपुर के प्रत्याशी खिलेश्वर साहू ने बताया कि पार्टी केवल जांजगीर की सीट पर फोकस होकर चुनाव लड़ रही है। रायपुर के भी तमाम कार्यकर्ताओं को जांजगीर लोकसभा में काम करने भेज दिया है। आलम यह है कि बसपा की बाकी सभी सीटों से कार्यकर्ताओं को जांजगीर भेजा जा रहा है। जहां उन्हें बसपा के प्रत्याशी की विजय सुनिश्चित करने के लिए कहा जा रहा है। ऐसे में स्थानीय नेताओं से जुड़े कार्यकर्ताओं के मन में भी खटास पैदा हो रही है जो चुनाव परिणाम में हार तय करती है।