रमन कैबिनेट : किसानों के लिए राहत भरे फ़ैसले, संविदा कर्मियों को भी खुश करने की कोशिश

रमन कैबिनेट के फैसले में दिखी चुनावी तैयारियों की झलक

रायपुर। रमन कैबिनेट में किसानों के लिए कई अहम फैसले हुए है। मंगलवार को मंत्रालय में हुई रमन कैबिनेट में किसानों की नाराजगी दूर करने के लिए निर्णय लिए हैं। रमन कैबिनेट में किसानों को बड़ी राहत देते हुए सभी किसानों को सिंचाई के लिए बिजली बिल की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। किसानों को पंप पर फ्लैट बिजली का चार्ज लगेगा। किसान 1 की बजाय दो पंपों का भी सिंचाई के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका बिजली बिल 200 रुपए प्रति एचपी प्रति माह की दर से आएगा। वहीं 5 एचपी और उससे अधिक क्षमताके तीसरे पंप के इस्तेमाल की फ्लैट दर 300 रुपए प्रतिमाह होगी।

रमन कैबिनेटइसके साथ ही बैठक में किसानों के बकाया बिजली बिल को लेकर भी निर्णय लिया गया है। जिसके अनुसार जारी बिलों को किसानों के विकल्प अुसार फ्लैट रेट पर संशोधित कर भुगतान की सुविधा दी जाएगी। योजना के अंतर्गत विकल्प प्रस्तुत करने के लिए 31 मार्च 2019 की अवधि निर्धारित की गई है।

संविदा कर्मियों को राहत – रमन कैबिनेट

कैबिनेट में संविदा कर्मियों को खुश करने की भी कोशिश की गई है। कैबिनेट में प्रदेश में संविदा में कार्यरत महिला कर्मचारियों को नियमित महिला कर्मचारियों की तरह 180 दिन का प्रसूति अवकाश दिया जाएगा। यह अवकाश कुल 180 दिन या संविदा की अवधि समाप्त होने की तिथि में से जो भी पहले होगा उस तिथि तक लागू होगा। प्रसूति अवकाश की सुविधा दो जीवित सन्तानों के बाद नहीं मिलेगी।

अनुकंपा नियुक्ति में दी गई छूट को बरकरार

कैबिनेट की बैठक में अनुकंपा नियुक्ति में दी गई छूट को बरकरार रखा गया है। तृतीय श्रेणी के पदों पर सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत पद अनुकंपा से भरने की सीमा को अगले 45 दिनों के लिए बढाया गया है।

केश शिल्पी कल्याण बोर्ड का होगा गठन

रमन कैबिनेट का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय नाई समाज के परंपरागत केश शिल्प कार्य को लेकर किया गया है। प्रदेश में अब छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड का गठन को केबिनेट की बैठक में हरी झंडी दे दी गई है। समाज कल्याण विभाग के अन्तर्गत इसका गठन किया जाएगा।

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