छत्तीसगढ़ में स्कूली विद्यार्थियों को मिलेगी डिजिटल शिक्षा

’’जिज्ञासा’’ परियोजना का एमओयू हस्ताक्षरित

रायपुर| छत्तीसगढ़ की सरकार स्कूली बच्चों को डिजिटल के युग में डिजिटल शिक्षा के प्रति प्रेरित करती नजर आ रही है। ताकि प्रदेश के बच्चे कहीं भी पीछे न रहे। चरण बढ़ तरीके से प्रदेश में डिजिटल शिक्षा का अलख जगाया जा रहा है। जिसमे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर आज इसी कड़ी में सरकार ने कदम बढ़ाया है।

                                       रायपुर, राजनांदगांव और दुर्ग जिले के चयनित 200 प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में ’जिज्ञासा’ परियोजना की शुरूआत की जा रही है। इसमें लगभग 800 शिक्षकों और बीस हजार विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षण के अवसर सुलभ किए जाएंगे। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ.प्रेमसाय सिंह टेकाम की उपस्थिति में आज वोडाफोन फाउण्डेशन के साथ साझेदारी में आई.पी.ई. ग्लोबल सेन्टर ऑफ नौलेज डेव्हलपमेंट (आई.पी.ई.सी.के.डी.) द्वारा कार्यान्वित परियोजना ’जिज्ञासा’ का एमओयू हस्ताक्षरित किया गया। इस अवसर पर संचालक लोक शिक्षण एस.प्रकाश और आई.पी.ई.सी.के.डी. की ओर से सुश्री अमिता शर्मा उपस्थित थी।

स्कूलों में होगा डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर
जिज्ञासा परियोजना की चुनिंदा शालाओं में डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड किया जाएगा और मल्टीमीडिया डिवाइस उपलब्ध कराए जाएंगे। संचालक लोक शिक्षण एस.प्रकाश ने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत वोडाफोन फाउण्डेशन शिक्षकों को गुरूशाला नामक एक ऑनलाइन मंच तक पहुँच प्रदान करेगा, जिसमें शिक्षकों की क्षमता विकास के लिए विविध डिजिटल सामग्री उपलब्ध है। अपने बहु-भाषायी छात्रवृत्ति मंच के माध्यम से वोडाफोन फाउण्डेशन विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण छात्रवृत्ति के बारे में जानकारी प्रदान करके उनका समर्थन करेगा, जो विद्यार्थी शैक्षिक सफलता में सुधार के लिए लाभ उठा सकते हैं।