शिक्षाकर्मियों ने कहा-शुक्रिया सर ! बहोत अच्छा लग रहा है।

रायपुर। शिक्षाकर्मी से शिक्षक बन रहे गुरुजनों ने आज स्कुल शिक्षामंत्री केदार कश्यप से कहा शुक्रिया सर ! बहोत अच्छा लग रहा है। दरअसल शिक्षामंत्री आज से लगे दो दिवसीय संविलियन शिविरों का मुआयना करने दानी गर्ल्स स्कुल पहुंचे थे। इस शिविर के माध्यम 8  साल पुरे कर चुके शिक्षाकर्मियों 4080 व्याख्याता पंचायतों, शिक्षक पंचायतों और सहायक शिक्षक पंचायतों को जुलाई माह का वेतन शिक्षा विभाग के शिक्षकों के रूप में देने की प्रक्रिया की गई। शिविर में शिक्षकों से एल.पी.सी (अंतिम वेतन सर्टिफिकेट) प्राप्त करने, प्रान नंबर प्राप्त करने तथा प्रान नंबर नहीं होने की स्थिति में नया बनाने, कर्मचारी डाटा फार्म भरने और सत्यापित करने तथा इन आंकडों एवं दस्तावेजों को ई-कोष के लिए कम्प्यूटर में दर्ज करने का कार्य किया गया।
इस शिविर एक जायज़ा लेने स्कुल शिक्षा मंत्री केदार कश्यप और कलेक्टर ओ.पी.चौधरी पहुंचे। जहाँ उन्होंने शिक्षाकर्मियों से शिक्षक बने लोगों से बातचीत की। बातचीत के दौरान कश्यप ने शिक्षक बनने और शिक्षा विभाग में संविलियन होने के लिए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कश्यप ने कहा कि शिक्षाकर्मियों को शिक्षक बनाना तथा शिक्षा विभाग में संविलियन कराना राज्य शासन का एक महत्वपूर्ण एवं एतिहासिक निर्णय है। शिक्षाकर्मियों से शिक्षक बने लोगों ने भी बेहद उत्साह और खुशी के साथ बताया कि उन्हेें बहुत अच्छा लग रहा है। उन्होंने राज्य शासन के इस निर्णय की खुले दिल से सराहना की और इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह तथा शिक्षामंत्री केदार कश्यप को धन्यवाद दिया।

ई-कोष के लिए होगा दर्ज 
जिले में सभी विकासखंडों में संविलियन शिविरों का आयोजन किया गया। सभी शिविरों में 6-6 काउंटर बनाये गए है। विकासखंड तिल्दा के बी.एन.बी. शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला नेवरा (तिल्दा), आरंग विकासखंड के जनपद पंचायत बी.आर.सी. प्रांगण, अभनपुर विकासखंड के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला, धरसींवा विकासखंड के जे.आर.दानी शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला, रायपुर में ये शिविर लगाए गए हैं। जहाँ से डाटा लेकर ई-कोष के लिए दर्ज किया जाएगा।

4080 लोगों का हुआ संविलियन
रायपुर जिलें के धरसींवा विकासखण्ड में 1491, आरंग विकासखण्ड में 1234, अभनपुर में 556 और तिल्दा विकासखण्ड में 799 शिक्षाकर्मियों का शिक्षा विभाग में संविलियन हो रहा है और वे शिक्षक बन रहे हैं। शिक्षक बनने वालों में 660 व्याख्याता पंचायत, 906 शिक्षक पंचायत और 2514 सहायक शिक्षक पंचायत है।