अब सवर्णों ने आरक्षण के ख़िलाफ़ बंद कराया भारत, रायपुर समेत छत्तीसगढ़ में फेल हुआ बंद

छत्तीसगढ़ में नहीं रहा बंद का असर, खुला रहा कारोबार

रायपुर। गुरुवार को संवर्णों ने आरक्षण और एससी एसटी एक्ट में संशोधन की मांग को लेकर भारत बंद बुलाया। जिसमें प्रदेश के कई संगठनों ने रायपुर बंद कराने निकले। मगर ये बंद राजधानी समेत प्रदेशभर में असफल रहा।

एसटी-एससी एक्ट में केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधन का विरोध देशभर में हुआ। हालांकि इस बंद से राजधानी रायपुर समेत पूरा छत्तीसगढ़ अछूता रहा। गुरुवार की सुबह राजधानी में सवर्णों ने शहर के कुछ इलाकों में घूम कर खुली दुकानों को बंद करवाया। और लोगो से एससी एसटी एक्ट के विरोध में भारत बंद को समर्थन देने की अपील करते रहे।

भारत बंद                             भारत बंद के समर्थन के लिए सामान्य वर्ग से ब्राह्मण, राजपूत, मुसलमानों के अलावा ओबीसी वर्ग से कुर्मी, साहू समेत कई समाज के प्रतिनिधि भी इसका समर्थन कर रहे हैं।

बंद कराया भारत

राज्य स्तरीय प्रदर्शन की तैयारी
भारत बंद को लेकर पूर्व विधायक वीरेंद्र पांडेय ने कहा कि एससी एसटी एक्ट के विरोध में एक समिति का गठन किया गया है। साथ ही सभी समाज प्रमुखों से कहा गया है कि वे अपने लोगों को अपने-अपने घरों के बाहर सुप्रीम कोर्ट का आदेश बहाल करने संबंधी फ्लैक्स लगा कर इसका विरोध जताए। इसके साथ ही ये सभी सरकार से एसटी-एससी एक्ट संशोधन को वापस लेने की मांग कर रहे है। सवर्णों की मानें तो इसके ख़िलाफ़ माह के अंत में राज्य स्तरीय धरना और रैली का आयोजन राजधानी में किया जाएगा।

सांसदों को लिखा जाएगा पत्र
धरना प्रदर्शन और रैली के अलावा संवर्ण प्रदेश के सांसद-विधायकों को भी पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट का आदेश बहाल करने की मांग की जाएगी। गुरुवार को संवर्णों के आरक्षण और एससी एसटी एक्ट में संशोधन की मांग को लेकर बुलाए गए भारत बंद पका असर न तो राजधानी में दिखा और न ही छत्तीसगढ़ में। हालांकि कुछ राज्यों में इस बंद के दौरान भारी हिंसा और तोड़फोड़ की स्तिथि भी बनी।

 

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