World population day-छत्तीसगढ़ को जनसँख्या स्थिरीकरण में मिली सफलता

रायपुर। छत्तीसगढ़ को जनसंख्या स्थिरीकरण के मामलें सफलता मिली है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण द्वारा जारी किए गए सर्वे रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रदेश में प्रजनन दर में कमी आई है, इसके साथ ही परिवार नियोजन कराने वाले परिवारों की संख्या में तेज़ी से इज़ाफ़ा हुआ है। एनएफएचएस 4-2015 की सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक़ साल 2003 में प्रजनन दर 3.3 थी, जो अब कम होकर 2.2 फ़ीसदी रह गया है। इसके आलावा परिवार नियोजन की दम्पत्ति संरक्षण दर 53.2 से बढ़कर 61.7 हो गया है। गौरतलब है कि बढ़ती जनसंख्या को रोकने केंद्र सरकार जनसंख्या स्थरीकरण योजना संचालित कर रही है। छत्तीसगढ़ में इस योजना को मुख्यमंत्री खुद मॉनिटर करते रहते है। मुखिया की मॉनिटरिंग और स्वास्थ्य विभाग के मंत्री और सचिव समेत तमाम अफसरों और कर्मचारियों की कोशिशों का बेहतर परिणाम छत्तीसगढ़ को मिला है।

चलेगा जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा
स्वास्थ्य विभाग द्वारा आज से जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। ये पखवाड़ा 11 जुलाई से 24 जुलाई तक मनाया जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा परामर्श और परिवार नियोजन की सेवाएं मुहैया करायी जाएगी। इस पखवाड़ा के पूर्व 27 जून से 10 जुलाई तक दंपत्ति संपर्क पखवाड़ा का आयोजन किया गया था, जिससे ज्यादा से ज्यादा दंपत्तियों से संपर्क कर उन्हें परिवार नियोजन के लिए प्रेरित किया जा सके।

नुक्कड़ नाटक से करेंगे जागरूक
जिले में दंपत्ति संपर्क पखवाड़ा और जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा के दौरान होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए जिला पंचायत के सीईओ दीपक सोनी ने अभियान के दौरान पंचायत स्तर पर अधिक से अधिक जागरूकता गतिविधियां, नुक्कड़ नाटक, हस्ताक्षर अभियान आयोजित कराने को कहा है जिससे लोग परिवार नियोजन के प्रति जागरूक हो सके और इस अभियान का लाभ उठा सकें।

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