राजभवन में लगा बच्चों के लिए ग्रीष्मकालीन शिविर

बच्चों ने कहा,शिविर से मिला नया अनुभव

 रायपुर| राजभवन मे 15 दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर का आयोजन किया है। जिसमे बच्चो को कलाकृतियां सिखाई जा रही है। ताकि बच्चे स्कूली शिक्षा के अलावा हुनर मंद हो। इस आयोजन में राजभवन के कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों के बच्चे एक साथ बैठकर ग्रीष्मकालीन छुट्टियों का सदुपयोग कर रहे हैं। राजभवन में हुनर सिखाने का मुख्य उद्देश्य आपसी तालमेल को बढ़ना है जिससे छोटे बड़े का भेदभाव दूर किया जा सके। शिविर के दूसरे दिन राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल बच्चों के बीच स्वयं पहुंची। उन्होंने बच्चों द्वारा बनाई जा रही कलाकृतियों को करीब से देखा। साथ ही बच्चो से शिविर के सम्बन्ध में जानकारी भी हासिल की।


राज्यपाल ने चित्रकारी, बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट, रंगोली और मूर्ति कला के प्रशिक्षण स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षणकर्ता से कहा कि बच्चों को भगवान गणेश तथा विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्ति बनाना सिखाएं और गणेश उत्सव नवरात्रि के समय बच्चों द्वारा बनाई गई मूर्तियों को आम जनता को उपलब्ध कराएं। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव सुरेन्द्र कुमार जायसवाल, उप सचिव रोक्तिमा यादव, मध्यप्रदेश राजभवन के उपसचिव केयूर संपत, राज्यपाल के परिसहाय द्वय अनंत श्रीवास्तव, भोजराज पटेल, नियंत्रक हरबंश मिरी भी उपस्थित थे।

बच्चे हुए राजयपाल से रु-ब-रु
राजयपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने बच्चो से पूछा की शिविर में शामिल होकर कैसा महसूस हो रहा है ? वे सुबह कितने बजे उठकर शिविर में पहुंच रहे हैं ? शिविर में शामिल बच्चों ने राज्यपाल से कहा कि उन्हें नया अनुभव मिला है और बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। वे ऐसी कलाकृति बनाना सीख रहे हैं, जिसे वे किसी दुकान में खरीदने जाते थे या किसी होटल या शॉपिंग मॉल में प्रदर्शित होते देखते थे। अब तो उनकी नींद ही गायब हो गई हैै। वे पहले देर सुबह सो कर उठते थे अब प्रातः सूर्योदय के समय ही नींद खुल जाती है और नित्य कर्म पूर्ण कर तुरंत शिविर में पहुंच जाते हैं।