रायपुर में रही उत्कल दिवस की धूम, सांस्कृतिक कार्यक्रम की बिखरी छटा

रायपुर के वीआईपी क्लब में उत्कल दिवस समारोह का हुआ आयोजन

रायपुर। रायपुर के वीआईपी क्लब में उत्कल दिवस समारोह का आयोजन किया गया। समारोह की शुरुवात भगवान जगन्नाथ की पूजा अर्चना के साथ हुई । उसके पश्चात जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए हमले में 45 जवानों की शहादत पर 2 मिनट का मौन धारण किया गया। रायपुर में उत्कल दिवस पर विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक प्रोग्राम का आयोजन किया गया।

रायपुर में रही उत्कल दिवस     1 अप्रैल 1936 को उड़ीसा राज्य बना था, जिसकी खुशी में सभी उड़ीसा समाज उस दिन को उत्कल दिवस के रूप में मनाते हैं। अमर बंसल ने जानकारी देते हुए कहा कि उत्कल दिवस पूरा उड़ीसा समाज बहुत ही धूमधाम से मनाता है। जिसकी मैं पूरे उड़िया समाज को बहुत बहुत शुभकामनाएं देता हूं। उत्कल समाज के अध्यक्ष के के भोई ने कहा कि रायपुर के वीआईपी क्लब में भगवान जगन्नाथ की पूजा के साथ उत्कल दिवस समारोह का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक प्रोग्राम भी रखे गए। यह बताया कि उत्कल दिवस को उड़िया समाज बहुत ही धूमधाम से मनाता है यह दिल उनके लिए एक नए वर्ष के समान होता है।

रायपुर में रही उत्कल दिवस1950 में हुआ था उड़ीसा राज्य का निर्माण
उत्कल दिवस ना सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि भारत के अलग-अलग राज्यों में बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस दिवस पर पूरा उड़ीसा समाज एकत्रित होकर विभिन्न विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करता है और साथ ही कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथि गण और उड़ीसा समाज के लोग उड़िया व्यंजन का भी लुत्फ उठाते हैं। आपको बता देंगे सन 1936 में उड़ीसा का अलग राज्य के रूप में निर्माण हुआ था। 1950 में उड़ीसा भारत का संगठन राज्य बन गया बाद में वर्ष 2011 में उड़ीसा को ओडिशा के नाम से संविधान में संशोधन किया गया। साथ ही ओरिया भाषा को भी ओड़िया में बदला गया।