विषय विशेष पर लगी वृहद् लोक अदालत

चेक बाउंस पर आधारित था अदालत

रायपुर। छग राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देश पर रायपुर कोर्ट में लोक अदालत लगाया गया। लोक अदालत में विशेष तौर पर चेक बाउंस के मामलों को ही रखा गया। जिसके लिए इसे विषय विशेष लोक अदालत का नाम भी दिया गया है। राज्य स्तरीय विशेष वृहद लोक अदालत का आयोजन रायपुर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा प्राधिकरण के अध्यक्ष रामकुमार तिवारी के मार्गदर्शन में लगाया गया था।


हर बार प्रदेश में नेशनल लोक अदालत लगाई जाती थी। जिसमें सभी प्रकार के छोटे बड़े घरेलू,चोरी,मार पीट, पैसों की हीरा फेरी जैसे सभी मामलों का निपटारा होता था। 20 अप्रैल यानी षनिवार को लगभग 6 से 7 साल के बाद छत्तीसगढ़ में हो विषय विशेष पर लोक अदालत लगाई गई। प्रदेश भर मे लगभग 13 हजार केस पेंडिंग पड़े हुए है। जिनका निपटारा होना भी जरूरी है। उसे त्वरित निपटारे के लिए विषय विशेष पर लोक अदालत लगाई गई। चेक बाउंस के मामले को निपटाने के लिए 8 खंडपीठ रायपुर में बनाई गई और प्रदेष के अन्य तहसिलों में 5 खेडपीठ बनाय गया था। जिसमें डीजे की एक कोर्ट और 7 नयायधीशों की लोक अदालत रायपुर में लगाई गई। चेक बाउंस के पेंडिंग मामले के कारण कोर्ट में लोगो की भीड़ काफी होती है। बार-बार कोर्ट के चक्कर न लगाना पड़े इसलिए फरियादी, लोक अदालत मे आकर अपने मामलों का निपटारा करते नजर आए।

548 मामलों का हुआ निपटारा
विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा लोक अदालत की पुरी व्यवस्था की जाती है। जिसके चलते संबंधित फरियादी को त्वरीत राहत भी मिलती है। जिसके लिए विधिक सेवा प्राधिकरण प्रचार प्रसार की भी व्यवस्था करता है,ताकि लोगों को लांेक अदालत की जानकरी हो सके। विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव उमेश उपाध्याय ने जानकारी देते हुए कहा कि काफी सालों बाद विषय विशेष पर लोक अदालत लगाई गई है। साल 2019 की विषय विशेष लोक अदालत में 13 हजार मामलों में से 9000 मामलें की सुनवाई के लिए रखे गए थे। जिनमें से धारा 138 के तहत पूरे राज्य में लोक अदालत के माध्यम से 1386 मामलों का निराकरण हुआ। जिसमे से 548 मामले सिर्फ रायपुर जिले में निराकृत हुए। 245 मामलों का निराकरण करने के बाद दुर्ग दूसरे स्थान पर रहा। तीसरे स्थान पर जगदलपुर में 118 मामले निराकृत किए गए। उम्मीद जितनी थी उससे काफी कम मात्रा में मामलों का निपटारा हुआ। इस वृहद लोक अदालत में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और लोक अदालत में अपने मामलों का निराकरण करने के लिए उत्साह भी दिखाई दिया। कई न्यायलयों में लोगों के सामने पक्षकारों की भारी भीड़ भी मौजूद थी।