चाइल्ड पुलिसिंग पर कार्यशाला, छत्तीसगढ़ सहित नौ राज्यों के अफ़सर शामिल

छत्तीसगढ़ पुलिस अपराध अनुसंधान विभाग ने किया आयोजन

रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस अपराध अनुसंधान विभाग द्वारा राज्य में बाल हितैषी पुलिस प्रणाली अपनाने के लिए और ‘पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों में बाल अधिकार’ विषय पर पाठ्यक्रम तैयार करने राजधानी रायपुर में तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें छत्तीसगढ़ सहित नौ राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

चाइल्ड पुलिसिंग

कार्यशाला में छग के पुलिस महानिदेशक ए.एन. उपाध्याय ने कार्यशाला का शुभारंभ किया। यूनिसेफ के सहयोग से होने वाली कार्यशाला में इसके लिए पाठ्यक्रम तैयार करने के बारे में विषय-विशेषज्ञों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ चर्चा एक गहन चर्चा की गई। यूनिसेफ के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ सहित ओड़िशा, मेघालय, राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली, तेलंगाना, असम और उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यशाला में विचार मंथन से मिलने वाले निष्कर्षों के आधार पर छत्तीसगढ़ पुलिस एकादमी और राज्य के पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों में बाल हितैषी पुलिस प्रणाली के लिए पाठ्यक्रम बनाकर लागू किये जाने की सहमति बनाई जाएगी। तीन दिनों तक चलने वाले कार्यशाला के संबंध में पुलिस उप महानिरीक्षक नेहा चम्पावत ने कहा कि बच्चों पर हो रहे मानवीय कुकृत्यों को रोकने पर चर्चा हुई। ताकि प्रदेश में बच्चे सुरक्षित हो सके।

बच्चों के प्रति रहना होगा जागरूक
सीआईडी एडीजी गौतम ने कहा कि बच्चों के प्रति पुलिस अधिकारियों को जानकारी रखना सबसे ज्यादा आवश्यक है। उसके बाद ही बच्चों की सुरक्षा पर काम किया जा सकता है। बाल अधिकार के संबंध में जानकारी लेने के बाद ही पुलिस विभाग में कार्यरत कांस्टेबल से लेकर अधिकारियों लेवल तक बाल सुरक्षा पर ध्यान रखा जा सकता।