छेडू़, गाड़ी दौड़ाऊं, जो चाहे वो करूं….मेरी मर्जी

9 वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीडा प्रतियोगिता का हाल

बैकुंठपुर। बच्चों के घंटों इंतजार के बाद शुभारंभ के बाद मनचले मैदान में घुस गए । प्रतिभागी छात्राओं से छेड़खानी और गाली-गलौज की घटना सामने आई तो मैदान में खेल के दौरान ही बाइक लेकर मनचले फर्राटा मारने लगे। इतना ही नहीं दीगर गाड़ियां भी दौड़ती रहीं। टेंट लगाने वाले ने अपनी मर्जी दिखाई बॉस्केट बॉल मैदान में गड्ढे तो किए ही रिंग को तोड़ डाला।पानी के लिए खिलाड़ियों को दूर छोर खड़े टैंकर तक की दौड़। आयोजकों ने पेट्रोलिंग की मदद मांगी जो पुलिस से नहीं मिल सकी है। नतीजा अव्यवस्था से राज्य भर से आए खिलाड़ी हैरान-परेशान हैं।
जानकारी के अनुसार शुभारंभ के बाद शाम 6 बजे मिनी स्टेडियम में मनचले घुस गए। अंधेरा होने के कारण एक ने एक छात्रा का हाथ पकड लिया, छात्रा ने पलट कर जवाब दिया तो वह उससे गाली गलौज करने लगा। जब और खिलाड़ी जमा हो गए तो भाग खड़ा हुआ। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई, आधे घंटे बाद पहुंची पुलिस ने मौके पर मिले कुछ युवकों की जमकर धुनाई की, परन्तु आरोपी अभी तक पुलिस के हाथ नहीं आ सका है।

वहीं आज सोमवार सुबह 11 बजे मिनी स्टेडियम में कुछ मनचले बाइक से फर्राटा भरते घुस गए, धूल उडाते निकल भागे, हालाकि आयोजकों ने उन्हें पकडने की कोशिश की। आयोजकों का कहना है कि पुलिस से इन मनचलों पर कार्यवाही के लिए मदद मांगी गई है। छात्राओं के आने जाने पर पेट्रोलिंग करने का निवेदन किया है। परन्तु पुलिस की तैनाती नहीं हो सकी है, इसका फायदा मनचले उठा रहे है जिसके कारण कभी भी कोई बडी घटना घट सकती है। उल्लेखनीय है कि शुभारंभ के दिन अतिथियों की लेटलतीफी के कारण बच्चों को दो घंटे धूप में उनका इंतजार करना पड़ा था।

खेल भी और वाहन भी
मिनी स्टेडियम में चल रहे दो खेल के बीच वाहनों की आवाजाही से खिलाड़ी परेशान है। कभी-कभी बीच में खेल रोक देना पड़ता है, वहीं वाहनों की आवाजाही से पूरे मैदान में धूल उड़ती है, जिससे खिलाड़ियों को काफी परेशानी हो रही है। स्कूल प्रबंधन ने मैदान को निजी कार्यक्रम के लिए दे दिया है, ऐसे में खेल के साथ मैदान में निजी कार्यक्रम दोनों एक साथ हो रहे हैं।

अव्यवस्था का दौर जारी
राज्य स्तरीय आयोजन में भारी अव्यवस्था जारी है। एसईसीएल मैदान की भूमि उबड़ खाबड़ है, पेयजल के केवल एक टैंकर खडी कर दी गयी थी यह भी एक परेशानी का कारण था। एक छोर के खिलाड़ियों को प्यास लगने पर दूसरे छोर में खड़े टैंकर के पास जाना पड़ता था। खिलाड़ियों को रूकने हेतु उचित व्यवस्था भी नहीं हो पाई है। कई स्थानों पर रोक गये खिलाडियों को मैले कुचैले गद्दे दिये गये है। जहां पर रखा गया है, वहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। अधिक संख्या होने के कारण अव्यवस्था की स्थिति है। खिलाडियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मैदान बना शराबखोरी का अड्डा
मिनी स्टेडियम और एसईसीएल मैदान में हमेशा अंधेरा रहता है, यहां लाइट लगाने के बाद भी शराबी लाइट तोड दिया करते है, दोनों मैदान शराबखोरी के अड्डे बने हुए हैं। यही कारण कि हो रहे आयोजन में देर शाम ऐसे मनचलों और शराबियों की भीड़ पहुंच जाती है, इस समय पुलिस की मौजूदगी बेहद जरूरी है ताकि ऐसे लोगों पर नियंत्रण किया जा सके।

इकलौते बॉस्केट बॉल मैदान में निजी कार्यक्रम रिग तोड़े, मैदान चौपट
कोरिया जिला मुख्यालय स्थित बॉस्केट बॉल मैदान निजी कार्यक्रम के आयोजकों द्वारा पूरा चौपट कर दिया है। जिले के इस एकलौते मैदान में लगी बास्केट बॉल फाइबर रिंग को तोड़ दिया गया है, वहीं मैदान में बडे़ बड़े गढ्ढे खोद कर खंभे गाढ दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार कोरिया जिले में खेल गतिविधियों को लेकर जागरूकता की कमी के कारण मैदानों की दुर्दशा हो रही है, अविभाजित मध्य प्रदेश में सबसे प्रसिद्ध स्कूल रामानुज प्रताप उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के बास्केट बॉल मैदान पूरी तरह से बर्बाद कर दिया गया है। वर्षो पहले 10 लाख की लागत से बने इस मैदान में स्कूल प्रबंधन ने निजी कार्यक्रम की अनुमति दे डाली, फिर क्या था आयोजकों ने मैदान में स्थित दोनों फाइबर रिंग को ना सिर्फ तोड़ डाला बल्कि मैदान में बड़े बड़े गढ्ढे कर खंभे गाड दिए है। जिसके कारण मैदान पूरी तरह से खराब हो गया है। बताया जाता है कि इस मैदान का पोलिटैक्निक कालेज के साथ स्कूल के छात्र खेलने का उपयोग कर रहे थे, परन्तु अब इस मैदान की दुर्गति हो चुकी है। स्कूल प्रबंधन मामले पर कुछ भी कहने को तैयार नहीं है।