एशियन म्यू थाई चैंपियनशिप में छग के खिलाड़ियो ने भारत को दिलाये 05 पदक

मनीष, वाणी एवं संस्कृति ने जीता भारत के लिए काँस्य पदक

रायपुर | भारतीय म्यू थाई टीम में चयनित छत्तीसगढ़ के 07 खिलाडी और 03 निर्णायक प्रशिक्षण खिलाड़ी एशियन म्यू थाई चैंपियनशिप पोल एरीना अबूधाबी में अपना शानदार प्रदर्शन किया। UAE में खेले 17 से 22 दिसंबर तक हुए खेल में उल्लेखनीय सफलताएं हासिल करते हुए देश के साथ ही छत्तीसगढ़ का नाम भी रौशन किया है। यह प्रतियोगिता म्यू थाई की अंतरराष्ट्रीय संस्था IFMA के तत्वावधान में एशिया की म्यू थाई संस्था FAMA द्वारा आयोजित की गई है।

छत्तीसगढ़ के खिलाडियों ने दिखाया जज्बा
एशियन म्यू थाई चैंपियनशिप के समापन के पूर्व दुर्ग के मनीष साहू (सेमीफाइनल में कज़ाकस्तान के खिलाड़ी से हारे) दल्लीराजहरा बालोद की कु वाणी (सेमीफाइनल में लेबनॉन की खिलाड़ी से हारे) और राजनांदगांव की कु संस्कृति रूसिया (सेमीफाइनल में ईरान की खिलाडी से हारे) ने भी काँस्य पदक जीत कर देश को गौरवान्वित किया है। जबकि कोरबा की मिशा सिन्धु ने भारत के लिए स्वर्ण पदक और कोरबा के ही प्रांशु साहू ने काँस्य पदक अर्जित किया था।


वहीँ कोरबा की ही डिंपल वैष्णव तथा दल्लीराजहरा बालोद की कु टामिन साहू क्वार्टर फाइनल में हारकर पदक की दौड़ से पहले ही बाहर हो गई थी। इस तरह भारत को प्राप्त 11 पदक में से 02 स्वर्ण, 03 रजत और 06 काँस्य पदको में 05 (01 स्वर्ण, 04 काँस्य) पदक छत्तीसगढ़ के म्यू थाई खिलाड़ियो ने दिलाए। वही छ ग के 03 वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय म्यू थाई खिलाड़ी दल्लीराजहरा बालोद की कु हरबंश कौर, राजनांदगांव के प्रणव शंकर साहू और कोरबा के कमलेश देवांगन रेफ़री प्रशिक्षण और आज परीक्षा उपरान्त IFMA का डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद अंतरराष्ट्रीय निर्णायक का दर्जा हासिल हो गया है।

भारतीय खिलाडियों ने लहराया परचम
37 एशियाई देशों के बीच हुई एशियन म्यू थाई चैंपियनशिप के समापन दिवस में 15 स्वर्ण जीत कर ईरान प्रथम स्थान पर, 14 स्वर्ण पदक जीतकर कज़ाख़स्तान द्वितीय स्थान पर जबकि 09 स्वर्ण जीत कर थाईलैंड तृतीय स्थान पर रहा। भारत को आंठवा प्राप्त हुआ जो उल्लेखनीय है जिसकी वजह से “मोस्ट प्रोग्रेसिव नेशन” का खिताब भी भारत को प्राप्त हुआ और महाराष्ट्र की कु काव्या को बेस्ट फाइटर का पुरुस्कार प्राप्त हुआ।