मंत्रिमंडल उप-समिति ने महापौर और अध्यक्ष चुनाव पर दिया फैसला

छत्तीसगढ़ में अप्रत्यक्ष तौर पर होगा महापौर और अध्यक्ष का चुनाव

रायपुर | छत्तीसगढ़ में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव में एक बड़े बदलाव की ओर सरकार के इशारे के बाद आज मंत्रिमंडलीय उप-समिति ने भी इस पर हरी झंडी दिखा दिया है। शनिवार को सरकार ने मंत्रिमंडलीय उप-समिति का गठन कर तीन कैबिनेट मंत्रियों को इसकी जिम्मेदारी दी थी। जिसकी अंतिम बैठक आज थी। बैठक में इसी समिति द्वारा नगर निगम के महापौर और नगर पालिका व नगर पंचायत के अध्यक्ष अप्रत्यक्ष चुनने की अनुशंसा की गई है।

कैबिनेट में लगेगी मुहर
अप्रत्यक्ष प्रणाली से महापौर चुनाव का मसौदा तैयार कर लिया गया है। मंत्रालय में हुई तीन सदस्यीय उप समिति की बैठक के बाद उप-समिति सरकार को अपना रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के अनुसार पार्शदों के चुनाव के बाद सामान्य सभा मे महापौर और अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा। इसके लिए आरक्षण का भी ध्यान रखा जाएगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर सरकार चुनाव प्रणाली तय करेगी। रिपोर्ट के आधार पर अब राज्य सरकार निकाय एक्ट में बदलाव पर कैबिनेट मे विचार कर सकती है। आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में भी महापौर और अध्यक्ष के अप्रत्यक्ष चुनाव पर मुहर लगने के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी निकाय चुनाव के दौरान महापौर का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप् से होना लगभग तय माना जा रहा है। कैबिनेट में प्रस्ताव पास होने के बाद इसे राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। यदि राज्यपाल की मुहर इस पर लग जाती है तो प्रदेष मे पहली बार महापौर और अध्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप् से चुने जाएंगे।

विपक्ष ने जताया विरोध
मंत्रिमंडलीय उप-समिति के रिपोर्ट के बाद प्रदेष में सियासी बवाल षुरू हो चुका है। समिति के फैसले के बाद प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने विरोध किया है। पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने इस मामले को लेकर सरकार के इषारे के बाद ही प्रदेष के राज्यपाल अनुसुइया उइके से मुलाकात भी कर चुके हैं। साथ ही पार्टी का विरोध भी जता चुके है। वहीं अब बुधवार को बीजेपी रायपुर में धरना प्रदर्शन भी करने वाली है। बता दें कि साल के अंत में प्रदेष में नगरीय निकाय चुनाव होना तय है लेकिन अप्रत्यक्ष प्रणाली पर छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बवाल मचा हुआ है।