नगर निगम का तुगलगी फरमान “कर्मचारियों से बिनवा रहा पॉलीथीन”

पॉलीथीन के करखानों में निगम नहीं कर रही कार्यवाही

रायपुर। इन दिनों रायपुर नगर निगम स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 की तैयारियों में इस कदर जुटा हुआ है, कि निगम अपने ही कर्मचारियों से पन्नी उठवा रहा है। ऐसा भी नहीं है कि निगम के पास बाजार में आ रही पॉलिथीन को रोकने नियम कायदे और टीम दोनों ही है।

लेकिन इसके ईत्तर निगम ने बाजार में आने वाली पन्नियों को रोकने की बजाए अपने ही कर्मचारियों से खाली प्लॉट और कचरे के ढेर से पॉलिथीन बनाने का आदेश निकाल दिया। आलम यह है कि अब निगम कर्मचारी अपना काम धाम छोड़कर शहर भर के खाली प्लॉट्स और कचरे के ढेर से पॉलिथीन बनाने का काम कर रहे हैं। इसके साथ ही जिन दुकानों से और घरों से पॉलिथीन के साथ कचरा खाली प्लॉट्स, नाली और सड़क में देखा जा रहा है। उनसे निगम जुर्माना भी वसूल रही है।

सरकार और हाईकोर्ट ने लगाया बैन
हाई कोर्ट और छतीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में पॉलिथीन के उपयोग पर बैन लगाया है। बावजूद इसके राजधानी के हर बाजार में पॉलिथीन का उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है। क्योंकि अब महज़ 20-25 दिनों बाद स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए केंद्रीय टीम आ रही है, लिहाजा इस टीम को पॉलिथीन मुक्त राजधानी दिखाने की कवायद में निगम यह सारी उठापटक कर रहा है।

ज़ारी किया पॉलीथीन फरमान
वैसे तो रायपुर नगर निगम के पास पॉलिथीन बनाने वाली फैक्ट्रियों और कारखानों में सीधे छापेमारी कर उसे सील करने की क्षमता भी है। इसके अलावा निगम बाजार के दुकानों से भी पॉलिथीन सीज कर उसे अपने कब्जे में लेकर डिस्मेंटल कर सकती है। बावजूद इसके निगम ने इस तरह की कार्रवाई यों को दरकिनार कर अपने ही कर्मचारियों को कचरे के ढेर से पॉलिथीन उठाने तुगलकी फरमान जारी कर दिया है।

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